डॉ.जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी की मौत,ड्राइवर बोला- रफ्तार ज्यादा नहीं थी,पलभर को आंख लगी..
हाजीपुर.अररिया सदर अस्पताल में पदस्थापित जनरल सर्जन डॉ. जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी की शनिवार अहले सुबह करीब 4.15 में सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में कार चालक अररिया के महिषाकोल निवासी संजय कुमार सुधांशु पिता राजेन्द्र यादव घायल हुए है। जबकि चिकित्सक का पालतू कुत्ता बाल-बाल बच गया। घटना की जानकारी मिलते ही सदर अस्पताल के चिकित्सकों में शोक की लहर दौड़ गई। सिविल सर्जन केके कश्यप के नेतृत्व में चिकित्सकों एवं कर्मियों ने दो मिनट का मौन धारण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
चिकित्सक वर्ष 2001 में पैकटोला स्थित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में योगदान दिया था। चिकित्सक का पैतृक घर झारखंड के रांची में बताया जा रहा है। वहीं, उनकी पढ़ाई लिखाई भी हुई है। जबकि बिहार के शेखपुरा जिला स्थित बरबीघा थाना क्षेत्र के बरबीघा में वे मकान बना रखे हैं। वही पर उनका परिवार रहता था। वे अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गए हैं। जिसमे से एक एमबीबीएस कर इंटर्नशिप कर रहे हैं। जबकि दूसरा पुत्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।भगवान के घर जाते जाते भी अररिया जिला का नाम सूबे में प्रथम स्थान पर लाने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। डॉ जितेंद्र कुमार को कुशलता पूर्वक सबसे अधिक सर्जरी करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय 16 जनवरी 2026 को सम्मानित कर चुके हैं। इतना ही नही जिला स्तर से लेकर प्रमंडल स्तर तक दर्जनों वार सम्मानित होने का गौरव इन्हें मिला था। ये अपने 25 वर्षों के कार्यकाल में दो बार सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक के रूप में भी कुशल नेतृत्व किए थे।
| हाजीपुर “रफ्तार ज्यादा नहीं थी… बस पल भर को आंख लग गई”-यही शब्द उस ड्राइवर के हैं, जिसकी एक झपकी ने अररिया सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी डॉ ज्योत्सना प्रसाद की जिंदगी छीन ली। मंगलवार तड़के करीब चार बजे सराय टोल प्लाजा से 200 मीटर पहले मुजफ्फरपुर की ओर से आ रही कार कंटेनर से टकरा गई। दंपती कार से पटना जा रहे थे, जहां उनकी सास की तबीयत गंभीर बताई जा रही थी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का बायां हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बाईं सीट पर बैठे दंपती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे का हिस्सा सुरक्षित रहा। कार के बाईं सीट पर बैठे डॉक्टर दंपती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन का पिछला हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित रहा। ड्राइवर संजय कुमार सुधांशु ने पुलिस को बताया कि वाहन की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी। हादसे के बाद वह बेहोश हो गया और होश आने पर खुद को सदर अस्पताल में पाया। वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रात भर लंबी दूरी तय करने के कारण चालक को झपकी आ गई थी। सराय थाना अध्यक्ष मणि भूषण कुमार सिंह के अनुसार, कार कंटेनर को ओवरटेक कर रही थी, इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और बाईं ओर कंटेनर से रगड़ खाते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई। भास्कर न्यूज़
दुर्घटना में कुत्ता सुरक्षित बच गया इस हादसे में कार में डॉक्टर दंपती के साथ चालक संजय कुमार सुधांशु (32) और उनका पालतू कुत्ता भी मौजूद था। घायल संजय अररिया सदर अस्पताल में एंबुलेंस चालक के रूप में कार्यरत हैं। हादसे में उन्हें सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। दुर्घटना में कुत्ता सुरक्षित बच गया, लेकिन वह हादसे के बाद करीब दो घंटे तक सदमे में रहा और कुछ भी नहीं खाया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
