बेगूसराय में 72 परिवार मनरेगा गोबर गैस प्लांट से लाभान्वित:ग्रामीण रसोई में बदलाव
बेगूसराय सदर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना के तहत लगाए गए गोबर गैस प्लांट अब ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। नीमा, मोहनपुर और हैबतपुर समेत कई पंचायतों में अब तक 72 परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
यह योजना पूरी तरह निशुल्क है और सभी वर्गों के पात्र ग्रामीण आवेदन देकर इसका लाभ ले सकते हैं। जिन परिवारों के पास पशु उपलब्ध हैं, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जा रही है।
पाइप के जरिए सीधे रसोई तक पहुंचाया जाता है इंधन
लाभुक परिवारों के अनुसार, प्लांट में रोजाना गोबर और पानी मिलाकर डाला जाता है। कुछ दिनों की प्रक्रिया के बाद गैस बननी शुरू होती है, जिसे पाइप के जरिए सीधे रसोई तक पहुंचाया जाता है। इस गैस से भोजन तैयार किया जा रहा है, जिससे लकड़ी और उपले के उपयोग में कमी आई है।गैस बनने के बाद जो अवशेष निकलता है, उसे खेतों में जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार दिख रहा है और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
यह पहल अन्य ग्रामीणों के बीच भी चर्चा का विषय बनी
स्थानीय स्तर पर यह पहल अन्य ग्रामीणों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आसपास के गांवों के लोग प्लांट की कार्यप्रणाली समझने पहुंच रहे हैं और योजना के बारे में जानकारी ले रहे हैं।इस संबंध में मनरेगा सदर के पदाधिकारी सुदीप ने बताया कि इच्छुक ग्रामीण पंचायत या प्रखंड कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्रता की जांच के बाद स्वीकृति दी जाती है।
प्रखंड प्रशासन का कहना है कि अधिक से अधिक ग्रामीण इस योजना से जुड़ें, इसके लिए जागरूकता बढ़ाई जा रही है। आवेदन की प्रक्रिया जारी है और आगे भी पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाएगा।
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