70 लाख की डिमांड,पटना से अगवा डॉक्टर समस्तीपुर से मिले:तीन अरेस्ट
समस्तीपुर.पटना से फुलवारीशरीफ से अगवा डॉक्टर सर्वेंश कुमार तिवारी समस्तीपुर से 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिए गए है। राज्य एसटीएफ की टीम ने समस्तीपुर के वारिसनगर थाने के मकसूदपुर गांव से इन्हें बरामद कर लिया। इस दौरान राज्य एसटीएफ की टीम ने गृह स्वामी रविंद्र सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसे एसटीएफ की टीम अपने साथ लेकर पटना चली गई।
बता दें कि बदमाशों ने 70 लाख की फिरौती मांगी थी। रास्ते से अपहरण के बाद जान से मारने की धमकी दी थी।
अपहरण के पीछे लेन देन की बात सामने आ रही है। फिल्मी अंदाज में हुई इस रिकवरी पर गांव के लोग चुप्पी साधे हुए हैं। रविंद्र की गिरफ्तारी के बाद घर बंद है। भास्कर रिपोर्टर जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर मकसूदपुर गांव पहुंचे। रविंद्र सिंह का घर अंदर से बंद था।आसपास के लोगों ने बताया कि रविंद्र सिंह किसान हैं। उसके दो बेटे हैं। दोनों दिल्ली में रहते हैं। जबकि, उनकी पत्नी अकेले घर में हैं। आवाज लगाने के बाद भी कोई घर से बाहर नहीं निकला।
गांव के एक शख्स ने बताई पूरी कहानी
रविंद्र सिंह के घर के पास हनुमान मंदिर है, जहां पर गांव के एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। हालांकि उसने कैमरे पर कुछ बोले से परहेज किया। ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि जिस समय एसटीएम की टीम पहुंची थी वह मंदिर पर ही बैठे हुए थे। तीन उजला स्कार्पियों व एक सफेद कार आकर रूकी।गाड़ी के रूकते ही सादीवर्दी में हथियार के साथ दो जवान निकले और रविंद्र सिंह के घर के पीछे दोड़ते हुए पहुंच गए । जबकि, दो जवान ने दरबाजा और दो जवान रविंद्र के घर के दक्षिण की और पहुंच कर घेरा बंदी कर ली। जिसके बाद चार- पांच जवान रविंद्र के घर में घुसे, जहां से डॉक्टर को अपने साथ लेते हुए रविंद्र का कॉलर पकड़ कर गाड़ी में बैठा लिया।
गांव के लोग जबतक कुछ समझ पाते सभी को पुलिस टीम लेकर रवाना हो गई। उन्होंने बताया कि बाद में पता चला कि रविंद्र के दोस्त मनोज सिंह है, जिसकी पत्नी बेतिया में एएनएम है। मनोज सिंह ने ही रविंद्र के यहां डॉक्टर को लेकर रखा था। यहां डॉक्टर ने रविंद्र का मोबाइल लेकर घर फोन किया, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
जानिए अपहरण के पीछे की क्या है कहानी…
लोगों ने बताया कि मनोज की पत्नी बेतिया में पोस्टेड है। जहां डॉ सर्वेश का एएनएम कॉलेज है। डॉक्टर सर्वेश और मनोज की पहले से जान पहचान है। जिस कारण मनोज ने अलग-अलग माध्यम से कॉलेज में कई एडमिशन कराये। फीस देने के बाद भी कोर्स पूरा नहीं हुआ। जिसके बाद अभिभावक पैसे की मांग करने लगे।पैसा वापस नहीं होने पर बेतिया में मनोज सिंह और उनकी पत्नी पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। जिसके बाद मनोज सिंह ने जमानत ली।बेतिया में अपनी जमीन और मकान को बेचकर करीब 70 लाख रुपए बकाया चुकाया। लगातार दबाव के बावजूद डॉ सर्वेश ने राशि नहीं दी। कुछ छात्र एडमिशन के लिए रविंद्र की ओर से भी मनोज को दिया गया था। जिस कारण रविंद्र पर भी दबाव था। फलस्वरूप मनोज और रविंद्र ने साजिश के तहत डॉक्टर का अपहरण किया। ताकि राशि वसुल की जा सके।
लोगों का बताया है कि मंगलवार को डॉक्टर को रविंद्र और मनोज लेकर मकसूदपुर पहुंचे थे। जहां डॉक्टर ने पैसा की व्यवस्था के लिए पत्नी से बात करने के लिए फोन मांगा। पत्नी से बात के बाद पुलिस को लोकेशन की जानकारी मिली और यहां पुलिस पहुंच गई।एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने कार्रवाई की है। डॉक्टर को मुक्त कराकर वह अपने साथ ले गई। इस मामले में रविंद्र सिंह आदि की गिरफ्तारी हुई है।
जान से मारने की धमकी दी थी
इधर पटना में सिटी एसपी (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, 10 फरवरी 2026 को डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी जानीपुर थाना क्षेत्र के आर्यभट्ट इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग और पारा मेडिकल कॉलेज, रामपुर से अपने राजीवनगर स्थित आवास लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी और पैसे न देने पर हत्या की धमकी दी थी।घटना के बाद परिजनों ने जानीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फुलवारीशरीफ-02 और जानीपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू किया। अपहृत डॉ. तिवारी को समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर गांव से सुरक्षित बरामद कर लिया।
सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि, ‘प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नौकरी दिलाने और परीक्षा पास कराने के नाम पर हुए पैसे के लेनदेन को लेकर अपहृत डॉक्टर और ‘मनोज’ नामक व्यक्ति के बीच विवाद चल रहा था।इसी विवाद के चलते 70 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। रकम न मिलने पर मनोज ने समस्तीपुर के अपराधियों को सुपारी देकर अपहरण की साजिश रची थी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
