आईजीआईएमएस में 1100 बेड का नया टावर बनेगा:एनआईटी में रिसर्च सेंटर बनेगा
पटना.बिहार बजट में स्वस्थ बिहार, विकसित बिहार के संकल्प के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 21,270 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। यह बिहार के कुल बजट (3.47 लाख करोड़) का करीब 6.12 प्रतिशत है। बजट में पटना को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। पीएमसीएच और आईजीआईएमएस को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।
पीएमसीएच में निर्माणाधीन 5400 बेड के प्रोजेक्ट को समय से पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड दिया गया है। साथ ही, आईजीआईएमएस में 1100 बेड के नए अत्याधुनिक टावर का निर्माण होगा। लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल राजवंशीनगर को 400 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए बजट में 215 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पीपीपी मोड पर शंकरा फाउंडेशन तमिलनाडु द्वारा कंकड़बाग में अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल का निर्माण जारी है। देसी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 803.89 करोड़ की लागत से पटना में तिब्बी कॉलेज का भवन निर्माण, दरभंगा एवं बेगूसराय में आयुर्वेदिक कॉलेज और मुजफ्फरपुर में होमियोपैथिक कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में प्रावधान है। स्वास्थ्य और तकनीक को जोड़ने के लिए 48 करोड़ की लागत से एनआईटी में रिसर्च सेंटर बनेगा, जहां मेडिकल उपकरणों और नई दवाओं पर शोध होगा।
1. पीएमसीएच का निर्माण कार्य समय से पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड
2. एलएनजेपी अस्पताल के विकास के लिए 215 करोड़ का प्रावधान
3. कंकड़बाग में पीपीपी मोड पर अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल बनेगा
4. पटना में तिब्बी कॉलेज के भवन निर्माण कार्य के लिए राशि मिली
4.12 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बने
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत राज्य में अबतक लगभग 1.69 करोड़ परिवारों के लगभग 4.12 करोड़ लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की आवश्यक सूची अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में करीब 100 प्रकार की दवाएं और सदर अस्पतालों में 350 से अधिक प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं।
10 जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण जारी
दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का 2546.41 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके अलावा पांच जिलों पूर्णिया, बेतिया, मधेपुरा और सारण में मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अगल चरण में अब 10 जिलों मधुबनी, वैशाली, सीवान, जमुई, भोजपुर, बक्सर, बेगूसराय, सुपौल, मुंगेर और सीतामढ़ी में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
बुजुर्गों का घर पर ही इलाज… बुजुर्गों के डोर स्टेप इलाज के लिए भी प्रावधान है। राजधानी में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में अकेले रहते हैं। ऐसे बुजुर्गों को घर पर ही नर्सिंग सहायता, ईसीजी और पैथोलॉजी टेस्ट की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बजट में सात निश्चय-3 के तहत राशि सुरक्षित की गई है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
