श्रीमद्भागवत कथा:समर्थ होकर भी औरों की पीड़ा से बेखबर व्यक्ति पशु के समान
समस्तीपुर।शिवाजीनगर.प्रखंड अंतर्गत दहियार रन्ना पंचायत के शहरू गांव में आयोजित सार्वजनिक बम पूजा के चौथे दिन शनिवार को भक्ति, त्याग और करुणा से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर कथावाचक आचार्य प्रोफेसर जयशंकर झा ने श्रीमद्भागवत कथा के गूढ़ मर्म को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से उद्घाटित किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समर्थ होकर भी दूसरों की पीड़ा से बेखबर रहता है, वह मनुष्य कहलाने योग्य नहीं, बल्कि निरा पशु है। मनुष्यता की असली पहचान करुणा, त्याग और परदुखकातरता में निहित है।
कथा के दौरान आचार्य प्रोफेसर जयशंकर झा ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन तथा दानवेन्द्र बलि के अमर त्याग की प्रेरक कथाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि त्याग ही ऐसी वृत्ति है जो मनुष्य का मृत्यु के बाद भी साथ नहीं छोड़ती। त्याग का पुण्य लोक और परलोक दोनों में साथ चलता है और व्यक्ति को अमर बना देता है। आज के भौतिकतावादी युग में भी यदि मनुष्य त्याग और संवेदना को अपना ले, तो समाज स्वतः ही श्रेष्ठ बन सकता है। रंतिदेव के चरित्र पर विशेष प्रकाश डाला रंतिदेव के चरित्र पर विशेष प्रकाश डालते हुए आचार्य ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि दुर्भिक्ष के समय राजा रंतिदेव ने अपने पास उपलब्ध अन्न को प्रजाओं में समान रूप से वितरित कर दिया।
इसके बाद वे स्वयं 39 दिनों तक भूखे रहे। जब अंततः किसी ने उनके समक्ष भोजन की थाली रखी और राजा अपने कुटुंबियों के साथ भोजन करने ही वाले थे, तभी क्रमशः एक भूखा ब्राह्मण, एक शूद्र, कुत्ते के साथ एक चांडाल भोजन की याचना करने लगा। राजा ने बिना किसी हिचक के अपनी थाली सबको बांट दी और अंत में अपने लिए पीने का पानी तक नहीं छोड़ा। इस अद्भुत त्याग से प्रसन्न होकर भगवान नारायण स्वयं प्रकट हुए और राजा से वरदान मांगने को कहा। किंतु राजा रंतिदेव ने जो वरदान मांगा, उससे स्वयं नारायण भी आश्चर्यचकित हो गए। राजा ने कहा हे नारायण, यदि आप प्रसन्न हैं तो मुझे समस्त प्राणियों के अंतःकरण में बैठा दीजिए, ताकि मैं उनके हिस्से का दुख स्वयं भोग सकूं।
शनिवार की कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग की विशेष विवेचना की गई। जैसे ही जन्मोत्सव का वर्णन हुआ, पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके बाद वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा लड्डू गोपाल की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने सभी का मन मोह लिया। सुप्रसिद्ध भजन गायक पारस पंकज व उनकी टीम द्वारा गाई गई बधाइयों से संपूर्ण वातावरण ब्रजमय हो गया और श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बम पूजा समिति के अध्यक्ष मदन कुमार सिंह, सचिव पलटू सिंह, रामगुलाम सिंह, संजय कुमार सिंह, ललित मंडल सहित अन्य ग्रामवासियों की सक्रिय भूमिका रही।
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