भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए बदला गया मनरेगा का नाम’:मंत्री रामनाथ ठाकुर
समस्तीपुर में केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा है कि मनरेगा योजना में जारी भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए इसका नाम बदलकर भीवी जय राम जी विकसित भारत गारंटी का रोजगार और आजीविका मिशन पर रखा गया।
इस योजना के तहत रजिस्टर्ड मजदूरों को 100 दिनों के काम के बदले अब 125 दोनों का काम मिलेगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के तहत सभी को काम देने का लक्ष्य है। राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया गया है कि वह बुवाई और कटाई के समय अधिकतम 60 दिन का समय तय करें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा कानून 2005 में बना था, तब से अब तक ग्रामीण परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन हुआ है। इसलिए इस कानून में संशोधन की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत समृद्धि और विकसित राज्य इस योजना का लाभ ले रहे हैं।यहां इसकी आवश्यकता नहीं है, इसलिए यह योजना इच्छित लाभ प्रदान करने में सफल नहीं हो पा रही है। वर्तमान में भारत सरकार की ओर से लगभग 86 हजार करोड़ रुपए सालाना खर्च करने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में आशा के अनुरुप विकास देखने को नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में 60 से 80 वर्ष के लोगों को मजदूरी करते हुए दिखाया जा रहा है। जिससे यह पता चलता है कि इसका सदुपयोग नहीं हो पा रहा। इसी को देखते हुए नया कानून बनाया गया है।
डिजिटल तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता लाई गई है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसमें डिजिटल तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता लाई गई है। काम के दिवस को 100 दिनों से बढ़कर 125 दिन किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों और पहाड़ी राज्यों में यह योजना 90:10 के अनुपात में होगी, जबकि बाकी राज्यों में 60:40 के अनुपात में लागू की जाएगी.ग्रामीण क्षेत्रों में सभी को 125 दोनों का रोजगार प्रदान करने के लक्ष्य पर लगभग 1,51, 2815 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। नए प्रावधानों के तहत समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
