थाने में थाने में थर्ड डिग्री का मामला:थाना अध्यक्ष, इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर सहित सिपाही निलंबित
समस्तीपुर के ताजपुर थाना क्षेत्र के नीम चौक स्थित एक सोना चांदी की दुकान में चोरी के बाद दुकान कर्मी को थाने में थर्ड डिग्री दिया गया था। इस मामले में एसपी ने कार्रवाई की है। एएसपी संजय पांडे के जांच रिपोर्ट के आधार पर ताजपुर के थाना अध्यक्ष शंकर शरण दास, चोरी कांड के जांच कर्ता राजवंश कुमार और मारपीट में शामिल सिपाही राहुल कुमार को निलंबित कर दिया है।
साथ ही तीनों पुलिसकर्मी पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। बता दें कि 28 दिसंबर की रात ताजपुर थाना क्षेत्र के नीम चौक स्थित सोनी फैंसी ज्वेलर्स से करीब 28 किलो चांदी और 60 ग्राम सोना और 20000 नगद की चोरी हो गई ।अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या है पूरा मामला, कैसे पहले दुकान फिर पुलिस वालों ने मनीष को टॉर्चर किया, क्या धमकी दी…
पीड़ित मनीष कुमार ने बताया कि, मैंने नीम चौक स्थित सोनी फैंसी ज्वेलर्स में एक महीने पहले काम शुरू किया था। 28 दिसंबर की शाम मालिक ने कहा कि छत का गेट लगा दो। गेट लगाने के बाद मैं घर चला गया। 29 दिसंबर की सुबह मालिक ने दुकान पर बुलाया और कहा कि 26 किलो चांदी और कुछ सोने के गहने की चोरी हो गई है। जब दुकान पहुंचा तो वहां पहले से पुलिस थी।
मनीष कुमार ने कहा, रोजाना की तरह 30 दिसंबर को भी शॉप पर गया, लेकिन उस दिन सब शांत था। न्यू ईयर से एक दिन पहले 31 दिसंबर को काम करने पहुंचा तो दुकानदार मो. जकी मुझे छत पर लेकर गए।अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर लोहे की रॉड और पाइप से खूब मारा। मारकर नीचे फेंकने की धमकी दी गई। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मुझे उठाकर थाने ले गई।
पुलिस अफसर ने कहा- ले जाओ, सबसे कहना बेटा ठीक है
पीड़ित ने आगे कहा कि, थाने में पिता संजय पोद्दार और पत्नी को भी लाया गया। पूरे घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर से कोई गहने बरामद नहीं हुए। इस बीच एक बड़े अधिकारी भी थाने पहुंचे थे.उनसे भी कहा कि मैंने कोई चोरी नहीं की है। इसके बाद भी थाने में मुझे चौकीदारों से पिटवाया है। परिवार वालों को बुलाकर कहा कि इसे ले जाओ और हर जगह बताना है मेरा बेटा ठीक है
डॉक्टर बोले- अमानवीय व्यवहार हुआ
फिलहाल, पटना के पीएमसीएच में मनीष का उपचार चल रहा है। सदर अस्पताल में मनीष का उपचार करने वाले डॉक्टर ने ऑफ कैमरा बताया कि मनीष के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है।मनीष की स्थिति नाजुक थी जिस कारण उसे पटना रेफर कर दिया गया। उसे बेहतर इलाज की जरूरत है।मनीष के पारिवारिक सदस्यों की भी माली हालत ठीक नहीं है। जिस कारण आसपास के लोगों ने चंदा कर उसे पटना पीएमसीएच पहुंचाया है।
एक महीने पहले ही की थी नौकरी जॉइन
मनीष के पिता संजय पोद्दार भी ताजपुर के ही एक सोना चांदी दुकान में कारीगरी का काम करते हैं। छोटा भाई अनीश भी सोना चांदी की दुकान में ही कारीगर के रूप में काम करता है। इसी से परिवार का भरण पोषण होता है।
खुद मनीष भी एक महीना पहले तक आरोपी दुकानदार मोहम्मद जैकी के पाटीदार की सोना चांदी दुकान में 8000 रुपए महीने की सैलरी पर नौकरी करता था।नीम चौक के दुकानदार जैकी अहमद ने 10,000 महीने का ऑफर दिया, जिसके बाद वह एक महीना पहले ही उसके यहां नौकरी जॉइन की थी। अभी महीना का वेतन भी नहीं मिला था
एसपी ने जांच कमेटी का किया था गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने इस मामले में एएसपी संजय पांडे के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था। पीड़ित दुकानदार कर्मी से आवेदन भी लिया गया था। इस मामले में एसपी संजय पांडे की ओर से 14 जनवरी को अपनी जांच रिपोर्ट समिट की गई है। जिसमें मारपीट की बात बताई गई है। जिसमें इसके लिए थानाध्यक्ष के साथ ही अनुसंधान पदाधिकारी और सिपाही राहुल कुमार को दोषी माना गया है। इसके बाद एसपी ने इस मामले में निलंबन की कार्रवाई की है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
