शहीद की पत्नी ने सेना के जवानों से कहा- कोई सम्मान नहीं चाहिए, पति लौटा दीजिए
पटना.आरा।भोजपुर।वो देश के लिए थे, मेरे लिए कौन है, पति ही मेरी पूरी दुनिया थे। मुझे कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ मेरा पति चाहिए। मैंने उनका पूरा परिवार संभाला है, उनकी हिम्मत नहीं कि वो मुझे धोखा दे जाएं, अब मुझे कौन संभालेगा?’
ये बातें जम्मू–कश्मीर के डोडा में हुए दर्दनाक हादसे में शहीद हरेराम कुंवर की पत्नी खुशबू कुमारी ने रोते-बिलखते हुए कही। हादसे के तीन दिन गुजर जाने के बाद भी खुशबू बेसुध हैं। पति की याद में खुशबू रो-रोकर बेहोश हो जा रही हैं।
चेहरे पर बार-बार पानी, तो कभी नाक बंद कर खुशबू को होश में लाया जा रहा है। खुशबू सिर्फ एक बात रट रही हैं कि पति मेरे पीठ पीछे मुझे धोखा देकर चले गए हैं।
गुरुवार को हरेराम की शहादत की खबर उनके परिजन को दी गई, लेकिन घर की महिलाओं को इस बारे में नहीं बताया गया। शुक्रवार को जब भास्कर रिपोर्टर शहीद के घर पहुंचे, तो खुशबू ने पूछ लिया-मेरे पति जिंदा हैं ना।शनिवार को पार्थिव शरीर के हरेराम के गांव पहुंचने के बाद एक बार फिर रिपोर्टर का शहीद की पत्नी से आमना-सामना हुआ। तब खुशबू ने रिपोर्टर से पूछा कि आपने कल मुझसे झूठ क्यों कहा था।
सेना के अधिकारियों से बोली- मेरे बेटे लावारिस नहीं होने चाहिए, मदद कीजिए
खुशबू ने सेना के अधिकारियों से कहा कि वो अपना ख्याल नहीं रख सकते, मुझे ख्याल रखने के लिए बार-बार बोलकर पागल कर दिया था। अब वो मेरी बात नहीं सुन रहे हैं, कोई तो उन्हें लेकर आए और समझाए।खुशबू ने कहा कि मुझे पैसा नहीं चाहिए, सम्मान नहीं चाहिए, लेकिन मेरे बेटे लावारिस नहीं होने चाहिए, बच्चों को पढ़ाने में मेरी मदद कीजिए सर। अपने पिता के बिना मेरे बच्चे अनाथ हो गए हैं।
खुशबू की बातों को सुनकर पहले तो सेना के अधिकारी चुप्पी साधे रहे, उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वीरांगना की पत्नी को क्या कहे, कैसे समझाएं।आखिर में जब खुशबू थोड़ी शांत हुई, तो सेना के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फोर्थ बिहार रेजिमेंट आपके साथ है, बच्चों की पढ़ाई से लेकर हर संभव मदद करेंगी।
शहीद हरेराम कुंवर भोजपुर जिले के ड़हरा प्रखंड स्थित नथमलपुर गांव के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बेटे हैं।हरेराम की शादी 7 मार्च 2014 में उदवंतनगर प्रखंड के गजराराजगंज ओपी अंतर्गत विशुनपुरा गांव निवासी EX आर्मीमैन रविंद्र तिवारी की बेटी खुशबू से हिंदू-रीति रिवाज से धूमधाम से हुई थी। खुशबू के चाचा राम कटेश तिवारी इस शादी के अगुआ थे।गुरुवार को एक ऑपरेशन के दौरान फौजी से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए बक्सर, छपरा समेत अन्य जगहों से उनके दोस्त आए हैं। उनकी आत्मा को शांति मिल सके और परिवार को सहारा मिले, यही भगवान से विनती है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
