समस्तीपुर में प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला, 23 जगह डंडे से पीटा:चंदा जुटा कर पहुंचाया PMCH
समस्तीपुर में दुकान के कर्मी मनीष कुमार की बेरहमी से पिटाई हुई। प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने से स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। मनीष के दोनों पैर में जांघ तक 23 स्थानों पर रॉड व डंडे से मारपीट किए जाने के निशान मिले हैं। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी काला धब्बा है। जख्म भी पाया गया है।आरोप है कि थाने में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक पुलिस वालों ने पिटाई की है। मनीष ताजपुर थाने के नीम चौक स्थित सोना चांदी की दुकान में काम करते थे। इन पर 26 किलो चांदी-सोना चोरी का आरोप लगा था। पुलिस वालों से पहले दुकानदार ने भी अपने 2 साथियों के साथ मनीष की पिटाई की थी, फिर पुलिस को सौंप दिया था।अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या है पूरा मामला, कैसे पहले दुकान फिर पुलिस वालों ने मनीष को टॉर्चर किया, क्या धमकी दी…
पीड़ित मनीष कुमार ने बताया कि, मैंने नीम चौक स्थित सोनी फैंसी ज्वेलर्स में एक महीने पहले काम शुरू किया था। 28 दिसंबर की शाम मालिक ने कहा कि छत का गेट लगा दो। गेट लगाने के बाद मैं घर चला गया। 29 दिसंबर की सुबह मालिक ने दुकान पर बुलाया और कहा कि 26 किलो चांदी और कुछ सोने के गहने की चोरी हो गई है। जब दुकान पहुंचा तो वहां पहले से पुलिस थी।मनीष कुमार ने कहा, रोजाना की तरह 30 दिसंबर को भी शॉप पर गया, लेकिन उस दिन सब शांत था। न्यू ईयर से एक दिन पहले 31 दिसंबर को काम करने पहुंचा तो दुकानदार मो. जकी मुझे छत पर लेकर गए.अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर लोहे की रॉड और पाइप से खूब मारा। मारकर नीचे फेंकने की धमकी दी गई। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मुझे उठाकर थाने ले गई।
पुलिस अफसर ने कहा- ले जाओ, सबसे कहना बेटा ठीक है
पीड़ित ने आगे कहा कि, थाने में पिता संजय पोद्दार और पत्नी को भी लाया गया। पूरे घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान घर से कोई गहने बरामद नहीं हुए। इस बीच एक बड़े अधिकारी भी थाने पहुंचे थे।उनसे भी कहा कि मैंने कोई चोरी नहीं की है। इसके बाद भी थाने में मुझे चौकीदारों से पिटवाया है। परिवार वालों को बुलाकर कहा कि इसे ले जाओ और हर जगह बताना है मेरा बेटा ठीक है।
डॉक्टर बोले- अमानवीय व्यवहार हुआ
फिलहाल, पटना के पीएमसीएच में मनीष का उपचार चल रहा है। सदर अस्पताल में मनीष का उपचार करने वाले डॉक्टर ने ऑफ कैमरा बताया कि मनीष के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है।मनीष की स्थिति नाजुक थी जिस कारण उसे पटना रेफर कर दिया गया। उसे बेहतर इलाज की जरूरत है।एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में एएसपी संजय पांडे के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई है। अभी जांच टीम की रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।दूसरी तरफ परिवार इस मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग जाने की तैयारी कर रहा है। दुकानदार अभी फरार है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
