बिहार में राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित होंगे:गंगा, गंडक, कोसी और सोन नदी के रास्ते बढ़ेगा व्यापार
पटना.बिहार सरकार राज्य को जल परिवहन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ‘मैरीटाइम बोर्ड’ का गठन करने जा रही है। शुक्रवार को कोच्चि में आयोजित ‘इनलैंड वाटरवेज डेवलपमेंट काउंसिल’ की बैठक में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार के भविष्य का रोडमैप पेश किया।
सरकार का लक्ष्य गंगा और उसकी सहायक नदियों के जरिए माल ढुलाई को सुगम बनाना है। रोडमैप के तहत गंगा नदी सहित सभी सहायक नदियों को जल परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि सामानों का आवागमन सुगम हो। गंगा सहित सात घोषित राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास होगा।
सोनपुर के कालूघाट पर एक मल्टीमॉडल टर्मिनल बनेगा। यहाँ हर साल 21.56 करोड़ टन माल और 77 हजार कंटेनर लोड-अनलोड करने की क्षमता होगी। फिलहाल राज्य में 21 सामुदायिक जेटी हैं, जिन्हें 17 नए स्थानों पर और बढ़ाया जाएगा। इससे स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी। जल परिवहन के क्षेत्र में रोजगार और स्किल बढ़ाने के लिए बक्सर, भागलपुर और दरभंगा में प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएँगे। मैरीटाइम बोर्ड के गठन के बाद राज्य सरकार जलमार्गों के विकास के लिए मिशन मोड में तेजी से निर्णय ले सकेगी।
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जरूरत क्यों?… परिवहन मंत्री के अनुसार, जलमार्ग सड़क और रेल से काफी सस्ता विकल्प है। इससे न केवल परिवहन लागत कम होगी, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक भी 30-40 फीसदी तक घटेगा।
फायदा क्या?… गंगा, गंडक, कोसी और सोन जैसी प्रमुख नदियों के माध्यम से बालू, सीमेंट, स्टोन चिप्स आदि भारी सामग्रियों की ढुलाई बढ़ेगी। अंतर्देशीय व्यापार को बल मिलेगा और नए रोजगार सृजित होंगे। इससे पुलों पर भीड़ कम होगी।
मैरीटाइम बोर्ड के गठन से फायदे: मैरीटाइम बोर्ड बनने से अंतर्देशीय जल परिवहन, टर्मिनल, क्रूज, वाटर मेट्रो और लॉजिस्टिक हब से जुड़े फैसले एक ही मंच से होंगे, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
निवेश को बढ़ावा: बोर्ड के माध्यम से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) को स्पष्ट ढांचा मिलेगा, जिससे निजी निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास संभव होगा।
व्यापार को मजबूती: पोर्ट लैंड, टर्मिनल और औद्योगिक क्लस्टर के नियोजित विकास से लॉजिस्टिक लागत घटेगी, निर्यात-आयात बढ़ेगा और राज्य में औद्योगीकरण को गति मिलेगी।
स्किल डेवलपमेंट: जहाजरानी, लॉजिस्टिक्स, टर्मिनल संचालन और रखरखाव से जुड़े नए रोजगार सृजित होंगे तथा स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ेंगे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
