सड़क दुर्घटना में दरोगा रिंकी कुमारी शहीद:जमुई की रहने वाली थी,दी गई गार्ड ऑफ ऑनर
पटना.बिहार पुलिस की 2020 बैच की दारोगा रिंकी कुमारी को गुरुवार शाम उनके पैतृक गांव जमुई के भुल्लो में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। औरंगाबाद में ड्यूटी से लौटते समय बुधवार शाम एक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी।यह हादसा औरंगाबाद में हुआ, जब दारोगा रिंकी कुमारी अपनी एक साथी महिला दारोगा के साथ स्कूटी से औरंगाबाद कोर्ट से डिबरा थाना लौट रही थीं। सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दोनों दारोगा गंभीर रूप से घायल हो गईं।
इलाज के दौरान रिंकी कुमारी ने दम तोड़ दिया
स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान रिंकी कुमारी ने दम तोड़ दिया। उनकी साथी दारोगा का इलाज जारी है।एसडीपीओ सतीश सुमन के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बलों ने शहीद दारोगा के पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी दी। इस दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में कोयला खदान में मजदूरी करते थे
रिंकी कुमारी जमुई के लछुआड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भुल्लो गांव निवासी दशरथ प्रसाद महतो की सबसे छोटी बेटी थीं। उनके पिता पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में कोयला खदान में मजदूरी करते थे, और रिंकी की प्राथमिक से उच्च शिक्षा भी पुरुलिया में ही हुई थी।साल 2020 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की और पुलिस सेवा में शामिल हुईं। वर्तमान में वह औरंगाबाद जिले के डिबरा थाना में पदस्थापित थीं।
आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग उमड़ पड़े
गुरुवार शाम जैसे ही शहीद दारोगा का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता, भाई-बहन और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के लिए भुल्लो सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग उमड़ पड़े, जिससे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
