बेगूसराय” में लगेगा डेयरी एंड कैटल एक्सपो:हरियाणा से आ रहा 15 करोड़ का ‘विधायक’भैंसा; काजू, बादाम, मेवे और पनीर खाता है
बेगूसराय में पहली बार बरौनी के हर्ल खाद कारखाना के मैदान में बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। पशुपालकों की मांग पर आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मुख्य आकर्षण का केंद्र हरियाणा के प्रसिद्ध किसान पद्मश्री नरेंद्र सिंह का मुर्रा नस्ल का 15 करोड़ का भैंसा विधायक। विधायक नाम से प्रसिद्ध यह भैंसा असाधारण सुंदरता, ताकत और उच्च गुणवत्ता वाले सीमन के लिए जाना जाता है।
इसकी सीमन क्वालिटी खास है। एक डोज की कीमत 300 रुपए है। हर साल करीब 40-50 लाख रुपए का सीमन बिकता है। भैंसा जहां रहता है, वहां एसी लगे हैं। डाइट में काजू, बादाम, मेवे और पनीर खाता है।28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मवेशियों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगेगी। इसके साथ ही मिल्किंग प्रतियोगिता तथा तकनीकी और वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किसान पद्मश्री नरेंद्र सिंह का यह भैंसा अपनी विशाल कद-काठी और कई प्रतियोगिताओं में जीत के लिए प्रसिद्ध है।पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग से किया जा रहा एक्सपो का आयोजन
एक्सपो का आयोजन बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग तथा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के समर्थन से कृषिका द्वारा किया जा रहा है। जिसमें बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के तहत आने वाले मिल्क यूनियनों एवं सहकारी समितियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। आयोजन इस क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। जहां वे तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे।
इसके साथ ही किसानों को प्रदर्शनी स्टॉल्स पर विभिन्न तरह के 60 से अधिक पशु उत्पाद, दवाइयां, डेयरी यंत्र, डेयरी उत्पाद यंत्र के अलावा खाद्य पदार्थों से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों द्वारा डेयरी एवं अन्य तरह के उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी। एक्सपो के दौरान मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें चार अलग-अलग तरह की प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं।
भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी
प्रतियोगिता में एचएफ नस्ल, जर्सी, देसी नस्ल की गाय के अलावा भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता होगी। जिसमें एचएफ नस्ल की 30 लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली गाय को शामिल किया जाएगा। दूध निकालने की प्रतियोगिता में जर्सी के लिए 20 लीटर या उससे अधिक, देसी के लिए 12 लीटर या उससे अधिक तथा भैंस के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 लीटर या उससे अधिक लीटर दूध देने वाले पशुओं को शामिल किया जाएगा। विजेता को 51 हजार तक का पुरस्कार मिलेगा।
पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है भैंसा ‘विधायक’
प्रगतिशील किसान और आयोजन समिति के ब्रजेश कुमार ने बताया कि एक्सपो का मुख्य आकर्षण होगा हरियाणा से आ रहा 15 करोड़ का भैंसा विधायक। मुर्रा नस्ल का यह विधायक नाम का भैंसा पानीपत के प्रगतिशील किसान और पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है। इस भैंसा को लाने का उद्देश्य यह है कि हरियाणा और पंजाब जैसे राज्य इतने आगे है कि वहां के किसान 15 करोड़ का भैंसा तैयार कर लेते हैं। जबकि हम बिहार में 2-3 लाख तक की गाय नहीं बना पा रहे हैं। यह नस्ल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।आयोजक राकेश कश्यप ने बताया कि कृषिका द्वारा दिसंबर 2023 में पहला बिहार का पहला डेयरी और कैटलॉग का आयोजन किया गया था। इससे हमारे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हुई है। अब जरूरी है कि हम किसानों को न्यूनतम और आधुनिक जानकारी दें, जो देश-विदेश में हो रहा है। बेगूसराय और समस्तीपुर बिहार का सबसे बड़ा दूध उत्पादक जिला है। दूध उत्पादक किसानों को और जागरूक करने के लिए ही कार्यक्रम हो रहा है।
पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है
उद्घाटन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता करेंगे। जिसमें बिहार पशु विश्वविद्यालय के कुलपति, बिहार के पशुपालन सचिव, आईसीआर सहित उन विभागों के प्रमुख रहेंगे। यह लोग अलग-अलग तरीके से किसानों को जानकारी देंगे। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है। बिहार का अगला जो दशक होगा, वह दूध उत्पादन का होगा और इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होने वाला है। हमारा प्रयास है कि किसान कम खर्चे में अधिक से अधिक दूध उत्पादन करें।
इस एक्सपो का सबसे बड़ा लक्ष्य बिहार के पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। जब किसान 15 करोड़ रुपए का विधायक जैसे भैंसा को देखेंगे, तो उनमें पशुओं की नस्ल सुधारने और बेहतर आहार देने की प्रेरणा जगेगी। एक्सपो में केवल पशु ही नहीं, बल्कि पशुपालन को आसान बनाने वाली मशीनों का भी प्रदर्शन होगा। जिनसे कम समय में स्वच्छता के साथ दूध निकाला जा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाला दाना अधिक दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
