समस्तीपुर के सिविल सर्जन की हार्ट अटैक से मौत:कर्पूरी जयंती समारोह की तैयारी के दौरान गिरे
समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉक्टर एसके चौधरी की मौत हो गई। दरअसल, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
डॉक्टर एसके चौधरी (63) भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के पैतृक गांव कर्पूरी ग्राम में ‘कर्पूरी जयंती समारोह’ की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान एसके चौधरी को चक्कर आया और वे गिर गए। इसके बाद सिविल सर्जन को तत्काल एम्बुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की।सिविल सर्जन की तबीयत खराब होने की सूचना के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार और डॉक्टर चौधरी की पत्नी भी सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड पहुंच गए थे।
प्राइवेट अस्पताल में समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, नगर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार समेत सभी पदाधिकारी उन पर नजर बनाए रखा था।
समस्तीपुर जिला सिविल सर्जन के रूप में डॉक्टर एस के चौधरी ने 2022 में सदर अस्पताल में अपना योगदान दिया था। एसके चौधरी के दो बच्चे हैं। बेटा अर्श आनंद दिल्ली में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटी शांभवी कुमारी पेशे से डॉक्टर है, जो पटना में पोस्टेड है। शांभवी के पति सुमित कुमार भी पटना में डॉक्टर हैं।जिला सिविल सर्जन डॉक्टर एस के चौधरी हजारीबाग के रहने वाले थे। इनकी पत्नी सुनीता चौधरी (60) भी डॉक्टर है।
जिला सिविल सर्जन डॉक्टर एस के चौधरी के बेटे और दामाद मौत की खबर सुन कर मेडिकल अस्पताल पहुंचे। जिला सिविल सर्जन डॉक्टर एस के चौधरी का शव आज उनके आवास पर रखा जाएगा। कल अंतिम संस्कार से पहले उनके शव को सदर अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां सभी स्वास्थ्य कर्मी श्रद्धांजलि देंगे।
एसके चौधरी से पहले के सिविल सर्जन की भी असामयिक मौत हुई थी
सिविल सर्जन डॉक्टर एसके चौधरी से पहले साल 2020 में भी जिले के तत्कालीन सिविल सर्जन आरआर झा की कोरोना से असामयिक मौत हुई थी। 17 जुलाई 2020 को आरआर झा को बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स भेजा गया था। इलाज के दौरान 22 जुलाई को उनकी निधन हो गया था।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
