समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों से पर्स चोरी करने वाले गिरोह का सरगना समेत 3 गिरफ्तार
समस्तीपुर.मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष कुमार के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल ने समस्तीपुर रेलवे स्टेशन एवं यार्ड क्षेत्र में यात्री सामानों की चोरी के विरुद्ध सघन निगरानी अभियान चलाते हुए सेना के पूर्व अधिकारी के संबधी सहित अन्य महिला यात्रियों के पर्स छीनकर चलती ट्रेन से कूदने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।मिली जानकारी के अनुसार आरपीएफ उपनिरीक्षक विवेक कुमार के साथ आरक्षी विकास कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, विजय कुमार तथा रिजर्व कंपनी समस्तीपुर की टास्क टीम के सउनि जयजयराम सिंह, आरक्षी चंदन कुमार एवं अपराध आसूचना शाखा समस्तीपुर के दीपक कुमार रजक, प्रभारी निरीक्षक समस्तीपुर के नेतृत्व में सादे लिबास में स्टेशन व यार्ड क्षेत्र में गुप्त निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ बदमाश महिला यात्रियों के पर्स छीनकर चलती गाड़ी से कूदकर फरार हो गए हैं।सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बलसदस्य पश्चिमी यार्ड की ओर पहुंचे। खोजबीन के क्रम में भोला टॉकीज गुमटी के पास यार्ड में मजार के पीछे कुछ युवकों के महिला पर्स के साथ होने की सूचना मिली।
टीम ने त्वरित घेराबंदी कर रेलवे लाइन के किनारे मजार की दीवार के पास से तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया।गिरफ्तार आरोपियों में सूरज कुमार जो माल गोदाम चौक, वार्ड संख्या 22, थाना नगर, जिला समस्तीपुर का रहनेवाला है,इसके पास से कॉफी रंग का महिला पर्स बरामद हुआ, जिसमें नकद 860, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई व एचडीएफसी बैंक के डेबिट कार्ड, तथा एक नीले रंग का बीबो कंपनी का पुराना मोबाइल मिला। वहीं दूसरे आरोपी राजा बाबू जो परनाही, थाना वारिसनगर का निवासी है,के पास से हरे रंग का महिला पर्स मिला, जिसमें नकद 20,000, भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी का पहचान पत्र, कैंटीन कार्ड, नेपाल सरकार का नागरिकता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, नेपाल एसबीआई व जीआईबीएल बैंक के कार्ड, एक काली सोनाटा घड़ी तथा वनप्लस कंपनी का पुराना मोबाइल बरामद हुआ।
पिछले तीन-चार दिनों से प्लेटफार्म पर यात्रियों को शिकार बना रहे थे शातिर वही इस गिरोह का सरगना श्रवण कुमार साह सोहन साह, नाजिरपुर, वार्ड संख्या 04, थाना उजियारपुर के पास से हल्के गुलाबी रंग का महिला पर्स बरामद हुआ, जिसमें नकद 4,600, कई आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बंधन बैंक का डेबिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा जैकेट की जेब से स्टील का बटनदार धारदार चाकू भी बरामद हुआ। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे पिछले तीन-चार दिनों से समस्तीपुर प्लेटफार्म पर आने-जाने वाली ट्रेनों में महिला यात्रियों के पर्स चोरी कर चलती ट्रेन से उतर जाते थे। साथ ही चोरी किए गए सामान के बंटवारे के लिए ही वे 7 जनवरी 2026 को यार्ड में एकत्र हुए थे, तभी आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए।
आरोपियों ने यह भी बताया कि वे पूर्व में कई बार यात्री सामान चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। श्रवण कुमार वर्ष 2018, 2023 व 2026 में जीआरपी समस्तीपुर तथा 2025 में जीआरपी गोरखपुर जेल जा चुका है। राजा बाबू वर्ष 2021, 2022 व 2023 में जीआरपी समस्तीपुर से जेल गया है, जबकि सूरज कुमार 2025 में जीआरपी गोरखपुर में श्रवण कुमार के साथ जेल जा चुका है। सभी ने संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने की बात स्वीकार की है।आरपीएफ की इस कार्रवाई से चोरों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि आरपीएफ की सक्रियता से यात्री सामानों की चोरी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच पाती है या नहीं।
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