दलसिंहसराय:बाजार समिति की जमीन पर अवैध कब्जा,बांस की कई दुकानें बनी, होंगी करवाई
दलसिंहसराय,शहर के बाजार समिति परिसर में अवैध निर्माण के लिए रिश्वत लेते अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (एसडीओ) राकेश कुमार और उनके लिपिक को निगरानी विभाग द्वारा 40 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार के बाद बाजार समिति की जमीन पर अवैध निर्माण का मुद्दा गरमा गया है.
समिति की जमीन के पास से एस एच 88 सड़क के निर्माण के बाद से ही अवैध कब्जे का दौर शुरू हो गया था.इस जमीन पर बिना किसी कानूनी अनुमति के दुकान और मकान बनाने का सिलसिला पिछले दो वर्षों से जारी है.इन दिनों अधिकारियों द्वारा अवैध कब्जाधारियों से वसूली के मामले सामने आए है. इस मामले में एसडीओ किशन कुमार ने कहा कि विभाग जांच कर दोषी अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर रहा है.लेकिन जल्द ही बाजार समिति की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए भी करवाई की जाएगी.
परन्तु बाजार समिति की जमीन पर हुए अतिक्रमण की व्यापकता इस बात को दर्शाती है कि प्रशासन ने वर्षों से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया.कई एकड़ जमीन पर दर्जनों दुकानदार और मकान मालिक प्लास्टिक फैलाकर, बांस के सहारे और फिर पक्के निर्माण कर बाजार समिति की संपत्ति का खुलेआम शोषण कर रहे हैंबताते चले कि कोविड-19 महामारी के दौरान 2019-20 में स्थानीय प्रशासन ने कुछ सब्जी विक्रेताओं को आगामी समय में बाजार समिति की खाली जमीन पर अस्थाई दुकान लगाने की अनुमति दी थी.
यह कदम महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक था ताकि बाजार में भीड़ नियंत्रित रहे.लेकिन अब यह अस्थाई दुकानें समय के साथ पक्के ईंट और बांस की दुकानें बन चुकी हैं.यहां तक कि कुछ कनीय अधिकारियों के संरक्षण में बाजार समिति की जमीन पर मकान बनाने का सिलसिला जारी है.इससे बाजार समिति की जमीन पर कब्जा आसान हो गया है और इसका दुरुपयोग हो रहा है.सब्जी बाजार के कारण इस जमीन की महत्ता को देखते हुए अवैध दुकानदार लाखों रुपये में दुकानों को खरीद बेच रहे हैं.जिस कारण कुछ माह पहले बाजार समिति के अतिक्रमण को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी. प्रशासन बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है जबकि जमीन और बाजार दोनों जोखिम में हैं.
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