पीएम गतिशक्ति के तहत मुंगेर में बनेगा दूसरा रेल पुल, 2030 तक पूरा होगा
बेगूसराय।पीएम गतिशक्ति योजना के तहत बेगूसराय-मुंगेर के बीच एक और रेल पुल बनाने की स्वीकृति मिल गई है। नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की 103वीं बैठक में रेल मंत्रालय ने श्रीकृष्ण सिंह सेतु के समानांतर दूसरे रेल पुल, जमालपुर–मुंगेर-खगड़ि या रेलखंड के दोहरीकरण और जमालपुर बायपास निर्माण को मंजूरी दी है। जिसपर करीब 1890 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। उमेश नगर रेलवे स्टेशन से मुंगेर स्टेशन को जोड़ने वाला यह 15 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को जुलाई 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना पीएम गतिशक्ति के तहत स्वीकृत चार बड़े रेल प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इस योजना से बेगूसराय के साथ साथ मुंगेर और खगड़िया व सहरसा के रेल यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। दूसरा रेल पुल और डबल लाइन बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, यात्रा समय घटेगा और लंबे समय से अटकी एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों की मांग पूरी होने की उम्मीद बनेगी। रेलवे के सूत्रों के अनुसार दोहरीकरण के बाद इस रेल लाइन से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होगा, जिससे पटना, भागलपुर, मालदा और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से संपर्क मजबूत होगा।
मालगाड़ियों के पासिंग बन गया है श्रीकृष्ण सेतु 11 अप्रैल 2016 को श्रीकृष्ण सिंह सेतु पर डीएमयू के परिचालन का हरी झंडी दिखाकर तत्कालीन रेल मंत्री मनोज सिन्हा ने इसकी शुरुआत की थी, लेकिन अब तक इसका उपयोग मुख्य रूप से मालगाड़ियों की पासिंग के लिए ही हो रहा है। रोजाना 30 से अधिक मालगाड़ियां इस पुल से गुजरती हैं, जबकि सवारी ट्रेनों की संख्या बेहद सीमित है। बेगूसराय से मुंगेर, खगड़िया या भागलपुर के लिए कोई नियमित एक्सप्रेस ट्रेन नहीं खुलती। बेगूसराय से कोलकाता और मालदा के लिए भी अब तक एक भी सीधी ट्रेन शुरू नहीं हो सकी है। यही वजह है कि नया रेल पुल और डबल लाइन की योजना को लोग उम्मीद की नई किरण के रूप में देख रहे हैं।
यात्री सुविधा बढ़ने के साथ बेगूसराय के औद्योगिक मालों की ढुलाई में होगी आसानी यह नया रेल कॉरिडोर मालदा-भागलपुर-मुंगेर -जमालपुर-खगड़िया-सहर सा मार्ग को मजबूती देगा और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच एक रणनीतिक कड़ी बनेगा। इसके बनने से बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया और सहरसा के यात्रियों के लिए मालदा–कोलकाता-हावड़ा कॉरिडोर पर सीधी ट्रेनों की संभावनाएं बढ़ेंगी।
फ्रेट मूवमेंट तेज होने से बरौनी रिफाइनरी, कहलगांव और बरौनी तापीय विद्युत स्टेशन, जमालपुर रेलवे वर्कशॉप, ऑर्डिनेंस गन फैक्ट्री, आईटीसी सीताकुंड औद्योगिक क्षेत्र, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड और मानसी मेगा फूड पार्क जैसे औद्योगिक केंद्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे परिवहन लागत घटेगी और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
