विद्यापतिनगर में स्वास्थ्यों उपकेंद्र बदहाल:मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा
दलसिंहसराय।विद्यापतिनगर प्रखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अधिकांश स्थानों पर न तो स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए भवन उपलब्ध हैं और न ही डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। इसके परिणामस्वरूप, ये उपकेंद्र केवल टीकाकरण केंद्रों तक सीमित रह गए हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
क्या है जमीनी हकीकत
ग्रामीणों ने बताया कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। क्षेत्र के गरीब मरीजों को इलाज के लिए 5 से 7 किलोमीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर जाना पड़ता है। साहिट पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र वर्षों से एक निजी घर में संचालित हो रहा है। यह केंद्र सप्ताह में तीन दिन खुलता है। एएनएम कविता कुमारी के अनुसार, बुधवार को यहां टीकाकरण किया जाता है। केंद्र पर रक्तचाप जांचने की मशीन उपलब्ध है।बालकृष्णपुर मड़वा पंचायत में भी स्थिति समान है, जहां स्वास्थ्य केंद्र पंचायत भवन के एक छोटे से कमरे में चलाया जा रहा है।
आवश्यक मशीनों का अभाव
वाजिदपुर पंचायत में भी स्वास्थ्य उपकेंद्र एक निजी कमरे से संचालित हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कोमल गुप्ता ने बताया कि केंद्र प्रतिदिन खुलता है, लेकिन उन्हें कोई आवश्यक मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। स्थानीय निवासी शशि प्रकाश भट्ट और संजय कुमार ने इस बात की पुष्टि की कि स्वास्थ्य उपकेंद्र केवल टीकाकरण केंद्र बनकर रह गए हैं। पंचायत के मुखिया मुकेश कुमार ने जानकारी दी कि हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, लेकिन पंचायत में अभी तक स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन निर्मित नहीं हुआ है।
कहीं भवन नहीं, कहीं सुविधा नहीं
मऊ धनेशपुर दक्षिण पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र एक विद्यालय के छोटे से कमरे में संचालित है, जहां केवल टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, मऊ धनेशपुर उत्तर पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन तो बन गया है, लेकिन लोगों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पारस ने बताया कि सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।”
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
