DGP विनय कुमार ने हत्या, डकैती और दंगों का दिखाया पूरा डेटा
पटना.बिहार में आपराधिक मामलों को लेकर अक्सर सरकार विपक्ष की तरफ से घिरती नजर आती है. इस बीच आज डीजीपी विनय कुमार ने बेहद खास आंकड़े जारी किये, जो कि विपक्ष के लिये करारा जवाब माना जा रहा है. दरअसल, डीजीपी विनय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि अपराध नियंत्रण को लेकर की गई कार्रवाईयों का व्यापक असर देखने को मिला है. पिछले साल की तुलना में साल 2025 में अपराध के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है.
डीजीपी ने जारी किये आंकड़े
जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार, हत्या के मामलों में 7.72 प्रतिशत, डकैती के मामलों में 24.87 प्रतिशत और दंगा की घटनाओं में 17.97 प्रतिशत की कमी आई है. राज्य सरकार की धर्मनिरपेक्ष और प्रभावी नीतियों के चलते बिहार में सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं में भी गिरावट दर्ज की गई है. साल 2024–25 के दौरान सांप्रदायिक घटनाओं से संबंधित कुल 437 मामलों में अभियोजन की स्वीकृति दी गई.
जनवरी से नवंबर तक इतने के खिलाफ आदेश पारित
डीजीपी ने यह भी बताया कि CCA की धारा 3 के तहत जनवरी से नवंबर तक कुल 1949 व्यक्तियों के खिलाफ आदेश पारित किए गए. इसी समय में 3,35,116 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई. पुलिस की तरफ से 4528 हथियार और 28,414 कारतूस बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, सांप्रदायिक हिंसा के 1308, पुलिस पर हमला के 524, भीड़ की तरफ से हिंसा के 58, हर्ष फायरिंग के 64 मामलों सहित कुल 6854 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है.
‘बिहार से नक्सलवाद लगभग खत्म’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी विनय कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा यह भी कि बिहार में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है. जनता को बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध कराने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है. गंभीर मामलों में 24 से 36 घंटों के भीतर कार्रवाई और सुनवाई हमारा लक्ष्य है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
