40 लाख की ठगी-एक साल टॉयलेट की टंकी में छिपा:घर में खाना खाकर गड्ढे में घुस जाता,गिरफ्तार
बेगूसराय में 125 क्विंटल सरकारी अनाज और 40 लाख रुपए ठगने के आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया है। उसने अपने घर में टॉयलेट की टंकी की तरह 20 फीट का एक कंस्ट्रक्शन करवाया था, जिसमें वो पिछले एक साल से छिपकर रह रहा था।
गिरफ्तार आरोपी का नाम त्रिपुरारी कुमार सिंह (50) है, जो तेघड़ा थाना क्षेत्र के बरौनी-1 गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि त्रिपुरारी ने सिर्फ छिपने के लिए टंकी बनवाया था, बल्कि उसमें कुर्सी और बेड भी लगा रखा था। जब भी पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंचती तो वह सीढ़ी की मदद से टंकी में जाकर छिप जाता था। इस कारण पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ता था।तेघड़ा डीएसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि त्रिपुरारी पर सरकारी अनाज का घपला करने, लोगों से ठगने के साथ साथ मारपीट करने और 50 हजार की रंगदारी मांगने का आरोप है।पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। इसको लेकर कई जगहों पर छापेमारी की गई। शनिवार की रात भी पुलिस त्रिपुरारी के घर रेड करने पहुंची तो वो नहीं मिला। पुलिस को एक टंकीनुमा कंस्ट्रक्शन पर शक हुआ तो उसकी तलाशी ली, जहां वो बैठा मिला। फिर उसे गिरफ्तार किया गया।
सीढ़ी से टॉयलेट की टंकी में जाता था
तेघड़ा डीएसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि जिस टंकी में त्रिपुरारी छिपा रहता था। उसमें वो सीढ़ी से जाता था। टंकी में जाने के बाद ढक्कन बंद कर देता था।पुलिस की टीम छापेमारी करने पहुंची तो वो घर में नहीं मिला। फिर पुलिस ने बारीकी से जांच शुरू की। इस दौरान एक जगह लोहे का घेरा दिखा। लोहे के घेरे को उठाने पर अंदर सीढ़ी दिखा। अंदर जाने पर त्रिपुरारी सिंह वहां बैठा मिला।
त्रिपुरारी के खिलाफ 10 अगस्त 2024 को पहला केस
त्रिपुरारी के खिलाफ 10 अगस्त 2024 को तेघड़ा थाना में केस दर्ज किया गया। यह केस पंकज कुमार सिंह ने धोखाधड़ी के मामले में दर्ज कराया था।पंकज ने आरोप लगाया था कि त्रिपुरारी सिंह सहयोग समिति चलता था। इस समिति में हम भी रुपए जमा किए थे, लेकिन उसने समिति को भंग कर रुपए का गबन किया। पैसा वापस मांगा तो गाली-गलौज किया। त्रिपुरारी पर 32 लाख 50 हजार रुपए का गबन करने का आरोप है।
50 हजार की रंगदारी मांगने का आरोप
15 नवंबर 2024 को विनोद पेट्रोलियम मालती के केयर टेकर विवेक राज ने अपना बकाया पैसा त्रिपुरारी सिंह से मांगा तो उसपर दिनदहाड़े हॉकी स्टिक से जानलेवा किया गया। पैसे लौटाने के बदले त्रिपुरारी ने 50 हजार की रंगदारी की डिमांड की। इस मामले में भी FIR दर्ज है।
तीसरा मामला बरौनी-एक के रहने वाले अजीत कुमार पासवान से मारपीट का है।
अजीत ने पुलिस को बताया था कि त्रिपुरारी ने लाठी-डंडे और पिस्तौल की बट से उसपर हमला किया। साथ ही जाति सूचक गालियां भी दी।त्रिपुरारी के पिता गोपाल प्रसाद सिंह के नाम जनवितरण प्रणाली का लाइसेंस था, जिसका वो केयर टेकर था। गोपाल प्रसाद सिंह की मौत के बाद तेघड़ा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुशील कुमार ने स्टॉक का 128.97 क्विंटल अनाज और पॉश मशीन जमा करने का निर्देश दिया गया।त्रिपुरारी ने पॉश मशीन तो जमा कर दिया, लेकिन अनाज जमा नहीं किया। इसके बाद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने 7 अगस्त 2025 को त्रिपुरारी के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
