Begusarai

बेगूसराय में एनडीए की प्रचंड जीत:5 पर NDA तो 2 पर महागठबंधन की जीत, देखे डिटेल

बेगूसराय जिले की सभी सात विधानसभा सीट का परिणाम घोषित हो गया है। यहां लोगों की उम्मीद के ठीक विपरीत रिजल्ट आया है। एनडीए ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि महागठबंधन समर्थित आरजेडी को 2 सीटों पर जीत मिली है। यहां से बड़े चेहरों में खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता और पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेटे अभिषेक आनंद चुनाव जीत गए हैं। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह के पुत्र सुशील कुमार, मटिहानी से राजकुमार सिंह, तेघड़ा से सीपीआई के राम रतन सिंह चुनाव हार गए हैं।6 नवंबर को मतदान के बाद अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन सभी के आशाओं को दरकिनार करते हुए बीजेपी के कुंदन कुमार एक बार फिर बेगूसराय से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के अमित भूषण को हराया है। 2020 में भी कुंदन कुमार ने तत्कालीन विधायक अमिता भूषण को हराया था।

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जेडीयू के राजकुमार सिंह को बोगो सिंह ने हराया

 

मटिहानी से चार बार के विधायक रह चुके राजद प्रत्याशी नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने वर्तमान विधायक और जदयू के प्रत्याशी राजकुमार सिंह को हरा दिया है। 2020 में राजकुमार सिंह मटिहानी से लोजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और उन्होंने तत्कालीन जदयू विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह को चुनाव हराया था। चुनाव जीतने के बाद राजकुमार सिंह जदयू में चले गए और इस बार भी जदयू ने उन्हें मटिहानी से मैदान में उतारा था। लेकिन कड़े मुकाबले में इस बोगो सिंह ने हरा दिया है।

 

साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने एक बार फिर पूर्व मंत्री श्रीनारायण यादव के पुत्र और राजद प्रत्याशी वर्तमान विधायक सत्तानंद संबुद्ध उर्फ ललन यादव पर विश्वास जताते हुए उन्हें जीत का माला पहनाया। ललन यादव ने लोजपा (रा.) के सुरेंद्र विवेक को हराया है। यहां जदयू के बागी अमर कुमार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे और यही एनडीए के हार का कारण बने।

 

सूर्यकांत पासवान को हराया

 

बखरी (सु.) विधानसभा क्षेत्र से लोजपा (रा.) के संजय पासवान ने सीपीआई के वर्तमान विधायक और प्रत्याशी सूर्यकांत पासवान को हरा दिया है। यहां बाहरी और स्थानीय का खूब नारा चला। शुरुआती दौर में बीजेपी के कार्यकर्ता लोजपा(रा.) को टिकट मिलने से नाराज थे। लेकिन चुनाव के दौरान सारी नाराजगी दूर हो गई। लोजपा(रा.) ने पहली बार यहां से विजय हासिल किया है।

 

निर्दलीय ने आरजेडी का खेल बिगाड़ा

 

चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व समाज कल्याण मंत्री और जदयू के प्रत्याशी अभिषेक आनंद ने पूर्व मुख्यमंत्री और राजद के प्रत्याशी सुशील कुमार को हरा दिया है। स्थानीय स्थिति को देखते हुए राजद ने इस बार अपने सिटिंग विधायक राजवंशी महतो का टिकट काट दिया था। टिकट के लिए लगातार प्रयास कर रहे रामसखा महतो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में आ गए थे और यहां राजद की हार का कारण बना। रामसखा महतो का निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर खड़ा होना चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

राम रतन सिंह को हराया

 

तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधान पार्षद और बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके रजनीश कुमार ने सीपीआई के वर्तमान विधायक राम रतन सिंह को चुनाव हरा दिया है। यहां भी स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा खूब जोर-जोर से उठा। लेकिन जनता ने रजनीश कुमार पर विश्वास जताया और उन्हें अपार वोट देकर विजय श्री हासिल करवा दी। तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र के मिनी मास्को कहे बीहट में लोगों ने सीपीआई को वोट नहीं देकर भाजपा का समर्थन किया है।

 

सुरेंद्र मेहता दूसरी बार बने विधायक

 

बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने एक बार फिर वर्तमान खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता को चुनावी मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी शिव प्रकाश गरीबदास को चुनाव हरा दिया है। यहां महागठबंधन एक नहीं रह सका, कांग्रेस से जहां शिव प्रकाश गरीबदास चुनाव लड़ रहे थे तो वहीं सीपीआई से जिला मंत्री अवधेश राय भी चुनाव मैदान में आ गए। यह बीजेपी की जीत के लिए बड़ा फैक्टर साबित हुआ।

 

महिला उद्यमी योजना का फायदा

 

जानकारों का मानना है की बेगूसराय में इस बार सत्ता के विरोध में लहर उठने की चर्चा थी। लेकिन चुनाव से ठीक पहले महिला उद्यमी योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपए देना, 125 यूनिट बिजली फ्री करना और पेंशन राशि 400 से बढ़कर 1100 करना एनडीए के लिए बड़ा फैक्टर साबित हुआ।

 

सभी सात विधानसभा क्षेत्र में खासकर महिलाओं ने एनडीए को जमकर वोटिंग किया। जिससे कि एनडीए 5 सीट जीतने में सफल रही। 2020 के चुनाव में बेगूसराय से एनडीए 3 सीट पर और महागठबंधन 4 सीट पर चुनाव जीती थी। 2025 के विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी बेगूसराय आए थे। यहां उन्होंने सभा करने के बाद मुकेश सहनी के साथ पोखर में कूद कर स्नान करने के अलावा मछली भी पकड़ी थी। लेकिन इसके बावजूद राहुल गांधी एनडीए की नाव नहीं डूबा सके।

 

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन का कोई फैक्टर काम नहीं कर सका। एनडीए के प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, मनोज तिवारी एवं रवि किशन सहित सभी बड़े नेताओं ने यहां सभा की। जिसका जबरदस्त असर हुआ और एनडीए को प्रचंड जीत मिली है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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