एनडीए की सुनामी:15 जिलों में महागठबंधन का खाता नहीं खुला
पटना।इस विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐसी सुनामी आई कि महागठबंधन 15 जिलों में एक भी सीट जीत नहीं पाया। 38 जिलों में जहां 15 जिलों में जहां राजद, कांग्रेस, माले, सीपीआईएम, सीपीएम, वीआईपी, आईआईपी का एक भी विधायक नहीं जीता वहीं 10 जिलों में एक-एक विधायक ही जीत पाए।
यानी महागठबंधन और एआईएमआईएम केवल 13 जिलों में एनडीए का थोड़ा बहुत मुकाबला कर सका। महागठबंधन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन सारण में किया जहां उन्हे तीन सीट मिले। एनडीए का सबसे खराब प्रदर्शन किशनगंज में रहा जहां चार सीट में केवल ठाकुरगंज में जीत मिली।
इन 15 जिलों में नहीं खुला खाता
दरभंगा, गोपालगंज, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, भोजपुर, अरवल, कैमूर, बांका, भागलपुर, सुपौल, सीतामढ़ी और शिवहर।
इन 10 जिलों में 1-1 सीट ही जीते
औरंगाबाद, जमुई, मधुबनी, नवादा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीवान, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण व रोहतास।
नोटा से कम वोट शेयरिंग वाली 9 पार्टियां
रिजल्ट में पार्टीवार वोट शेयर के आंकड़ों में इस बार नोटा को 1.81% वोट मिले हैं। 9 दल ऐसे रहे, जिनका वोट शेयर प्रतिशत नोटा से भी कम रहा। इनमें एएएपी-0.30%, एआईएफबी–0.00%, बीएलएसपी–0.00%,बीएसपी–1.62%, भसीपीआई–0.74%,सीपीआई एम-0.60%, एनसीपी–0.03%, एनपीइपी–0.01%) और आरएएसएलजेपी-0.17% शामिल हैं
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
