दुलारचंद हत्याकांड- अभी जेल में ही रहेंगे अनंत सिंह:कोर्ट ने कहा- मामला गंभीर है,बेल नहीं मिलेगी
पटना.दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पटना सिविल कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यानी अभी वो जेल में ही रहेंगे। याचिका में अनंत सिंह ने खुद को इस मामले में निर्दोष बताया और कहा- इस केस से मेरा कोई संबंध नहीं है.वकील कुमार हर्षवर्धन ने बताया, MP ML कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज की है। फिलहाल पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। हमलोग पटना हाइकोर्ट की ओर मूव करेंगे। एविडेंस और FIR में कई लूपहोल हैं।
याचिका में अनंत सिंह ने खुद को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताया और कहा, ‘इस मामले में हम निर्दोष हैं। मेरा इसमें कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। पीड़ित परिवार का आरोप मेरी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए गढ़ी गई है।’अनंत सिंह के अनुसार, ‘दोनों राजनीतिक दलों के काफिले चुनाव प्रचार के दौरान आमने-सामने आए, जिससे सिर्फ मौखिक विवाद हुआ। न तो कोई योजना थी, न साजिश और न ही कोई मंशा।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी कहा गया है कि उसकी मृत्यु गोली से नहीं, बल्कि भारी चोट की वजह से हुई है। मैंने गिरफ्तार होने के बाद जांच में पूरा सहयोग किया है और मेरे खिलाफ कोई हथियार या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुआ है।’
दुलारचंद यादव हत्याकांड के चलते जेल में हैं अनंत सिंह
30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में राजद नेता और जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या की गई थी।आरोप अनंत सिंह पर लगे थे। उन्हें 1 नंवबर की रात गिरफ्तार किया गया था। 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया।
28206 वोट से जीते अनंत सिंह
अनंत सिंह 28206 वोटों के अंतर से मोकामा सीट से जीतकर विधायक बने हैं। उन्हें 91416 वोट मिले। दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं। उन्हें 63210 वोट मिले।
2005 से 5 बार विधायक बने अनंत
मोकामा सीट से अनंत सिंह 2005 से लगातार 5 बार विधायक रहे। 3 बार JDU से, एक बार RJD से और एक बार निर्दलीय जीते। AK-47 राइफल रखने के मामले में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिसके बाद 2022 में मोकामा में उपचुनाव हुए। इस बार अनंत सिंह ने पत्नी नीलम देवी को चुनाव लड़वाया.RJD की टिकट पर लड़ीं नीलम देवी जीत गई। 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अनंत सिंह AK-47 मामले में बरी हो गए। इसके बाद फिर से चुनाव मैदान में उतरे और जीत गए।
गिरफ्तारी के बाद पटना SSP ने कहा था- हत्या के वक्त अनंत सिंह मौजूद थे
अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया था, 30 अक्टूबर को 2 प्रत्याशियों के गुटों में झड़प हो गई। पथराव हुआ, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद एक शव बरामद किया गया। मृतक, 75 वर्षीय दुलारचंद यादव, उसी गांव के निवासी थे जहां यह झड़प हुई थी।दोनों पक्षों ने मामला दर्ज कराया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया और यह एक गंभीर मामला है।यह पाया गया कि यह सब प्रत्याशी अनंत सिंह की मौजूदगी में हुआ, जो इस मामले में मुख्य आरोपी भी हैं। अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके साथी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी उनके साथ गिरफ्तार किया गया है।CID ने भी इस मामले में जांच की है। दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। कल जब पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया जा रहा था। इसमें भी अलग से मामला दर्ज किया गया है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
