25 लाख की साइबर ठगी का सदमा नहीं झेल पाए प्रोफेसर, हार्ट अटैक से मौत
मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के नया टोला निवासी और पूसा एग्रीकल्चर कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. मुकेश प्रसाद सिंह के खाते से साइबर अपराधियों ने 25 लाख रुपये की ठगी कर ली. शुक्रवार को जब वे इस धोखाधड़ी की शिकायत करने साइबर थाने पहुंचे, तो उन्हें वहीं हार्ट अटैक आ गया. पुलिस की मदद से परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
PNB अधिकारी बन ठगों ने भेजा फर्जी लिंक
रिटायर्ड प्रोफेसर ने अपने अधूरे आवेदन में बताया था कि 22 अक्टूबर को कुछ लोगों ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकारी बताकर उन्हें व्हाट्सएप पर एक एपीके (APK) फाइल भेजी थी. उन्होंने कहा कि इस फाइल को बैंक एप अपडेट बताकर इंस्टॉल करने को कहा गया. जैसे ही उन्होंने इसे डाउनलोड किया, अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन तक पूरी पहुंच बना ली और नेट बैंकिंग के जरिए खाते से 25 लाख रुपये निकाल लिए.
पांच अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई रकम
बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, अपराधियों ने 23 अक्टूबर को पांच बार में ट्रांजैक्शन किए. प्रतिका विश्वास, गोरिस कुमार और मो. आसिफ के खातों में आरटीजीएस और नेफ्ट के ज़रिए कुल 25 लाख रुपये भेजे गए. पुलिस ने इन खातों को फ्रीज़ करने और ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच शुरू कर दी है.
‘किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें’ — साइबर DSP
साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि अपराधियों ने APK फाइल के ज़रिए प्रोफेसर के मोबाइल का एक्सेस हासिल किया और ओटीपी हैक कर लेनदेन को अंजाम दिया. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अज्ञात लिंक, ऐप या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें. उन्होंने कहा कि ऐसे लिंक डिवाइस को हैक कर आपकी वित्तीय जानकारी चुरा सकते हैं.
परिवार में मातम, साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर सवाल
डॉ. मुकेश सिंह शहर की प्रसिद्ध डॉक्टर मंजू कुमारी के भाई थे. घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई है. यह हादसा न सिर्फ साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसे डिजिटल फ्रॉड लोगों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर कितना गहरा असर डाल सकते हैं
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
