पवन सिंह का बीजेपी में वापसी,शाह-कुशवाहा संग फोटो डाली; कहा- मोदी-नीतीश के सपनों का बिहार बनाऊंगा
पटना.भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपर स्टार पवन सिंह की बीजेपी में वापसी हो चुकी है। मंगलवार को बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा है कि, ‘पवन सिंह बीजेपी में थे और रहेंगे।’ पवन सिंह की दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री मंत्री अमित शाह से 30 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान पवन सिंह ने शाह को गमछा दिया.इसके बाद वे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिलने पहुंचे। उन्होंने नड्डा को शॉल भी भेंट की। मुलाकात के बाद पत्रकारों ने पवन सिंह से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। हाथ जोड़कर वो आगे निकल गए।
पवन सिंह ने मुलाकात के बाद अमित शाह और उपेंद्र कुशवाहा के साथ फोटो शेयर कर फेसबुक पर लिखा, ‘जातिवादी राजनीति के पोषकों के दिल पे आज ई फोटो देख के सांप लोट रहा होगा। लेकिन जिनके दिल में विकसित बिहार का सपना बसता है, वो कब तक एक दूसरे से दूर रह सकते हैं।आज माननीय हमारे गृह मंत्री अमित शाह जी और माननीय हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी माननीय उपेंद्र कुशवाहा जी से मुलाकात हुई और उन्होंने दिल से आशीर्वाद दिया। मोदी जी और नीतीश जी के सपनों का बिहार बनाने में आपका बेटा पवन पूरा पावर लगाएगा।’
पवन सिंह की कुशवाहा से मुलाकात के बाद तेजप्रताप यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ‘लखनऊ में पवन सिंह मेरे पैर में गिरे थे। आज वो कुशवाहा के पैर में गिर रहे हैं। वो लगातार गिर रहे हैं। एक्टर हैं, एक्टिंग करें। कहां चुनाव में पड़े हैं।’
अमित शाह से मुलाकात से पहले पवन सिंह को लेकर विनोद तावड़े और ऋतुराज सिन्हा दिल्ली में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के घर पहुंचे थे। मुलाकात के बाद विनोद तावड़े ने बताया कि मुलाकात पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाह में सुलह को लेकर करवाई गई।पवन सिंह उपेंद्र कुशवाहा से मिलने उनके घर पहुंचे तो उन्होंने भोजपुरी एक्टर को गले लगा लिया।
सूत्रों के मुताबिक पवन सिंह आरा विधानसभा सीट से एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं। पवन सिंह के बीजेपी में वापसी के बाद शाहाबाद (भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर) की 22 विधानसभा सीटों पर फायदा हो सकता है।हाल ही में उन्होंने बिजनेस टायकून अशनीर ग्रोवर की रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ को छोड़ दिया। शो से बाहर आने के दौरान उन्होंने कहा था- ‘मेरी जनता ही मेरा भगवान है और चुनाव के समय मेरा फर्ज है कि मैं उनके बीच रहूं।’इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि पवन सिंह अब पूरी तरह से राजनीति में एक्टिव होने जा रहे हैं।
पवन सिंह ने 2024 लोकसभा चुनाव काराकाट सीट से निर्दलीय लड़ा था। इस सीट से NDA ने उपेंद्र कुशवाहा को कैंडिडेट बनाया था, लेकिन जीत महागठबंधन कैंडिडेट की हुई थी।पवन सिंह के निर्दलीय चुनाव में उतरने का असर सिर्फ काराकाट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बक्सर और सासाराम तक भी देखा गया, जहां बीजेपी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
