उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ महापर्व संपन्न:चिराग ने मां तो नीतीश ने बेटे के साथ दिया अर्घ्य
पटना।4 दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न हो गया। छठ व्रतियों ने गंगा घाटों पर उगते सूर्य की उपासना की। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास भी खत्म हुआ।
पटना, मुजफ्फरपुर,समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर समेत कई जिलों में घाटों पर भारी भीड़ है। व्रती सूप लेकर नदी में अर्घ्य के लिए उतरे उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया। पटना के गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
सुबह साढ़े 4 बजे पटना के अटल पथ पर 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसे कड़ी मशक्कत के बाद क्लियर करवाया गया। इससे जेपी सेतु घाट, दीघा घाट 83, दीघा घाट 88, दीघा घाट 93 जाने वाले लोगों को थोड़ी परेशानी भी हुई।
सूर्य देव सप्तमी तिथि के स्वामी
पंडित राकेश झा ने बताया कि, विष्णु पुराण के अनुसार तिथियां के बंटवारे के समय सूर्य देव को सप्तमी तिथि प्राप्त हुई थी। इसलिए उन्हें सप्तमी तिथि का स्वामी भी कहा जाता है। प्रातः काल में जल में रक्त चंदन, लाल फूल, इत्र के साथ ताम्रपात्र में आरोग्य के देवता सूर्य को अर्घ्य देने से आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होती है। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने से कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
