Begusarai

TTE पति कहता- कार मांगो या टॉर्चर सहो’:पिता बोले-50 लाख में शादी की

बेगूसराय.मेरी सास और पति ने मेरे साथ मारपीट की। मेरी ननद, जो छपरा में दरोगा है, वो भी मुझे टॉर्चर करती है। तीनों मिलकर मेरी जिंदगी बर्बाद करने पर लगे हैं और मुझे जान से मारना चाहते हैं। मैं अक्सर बीमार रहती हूं, मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती और ये लोग मुझे मेंटली टॉर्चर करते हैं।’ये बातें बेगूसराय की रहने वाली श्रेया पाठक (20) ने सुसाइड से पहले एक डायरी में लिखी थी। श्रेया ने 10 सितंबर को बेंगलुरु में आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने के बाद परिजन बेंगलुरु पहुंचे। 13 सितंबर को डेड बॉडी लेकर गांव आए और यहीं अंतिम संस्कार किया गया।

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मामले में श्रेया के मायके वालों ने बेंगलुरु के यशवंतपुर थाना में FIR दर्ज कराई है। ससुराल वालों पर दहेज के लिए टॉर्चर करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।सुसाइड से पहले श्रेया का नोट सामने आया है, जो 7 मार्च 2025 का बताया जा रहा है। इस नोट में उसने ससुराल वालों पर कई आरोप लगाए हैं।

 

 

11 दिसंबर 2024 श्रेया की हुई थी शादी

 

श्रेया का परिवार सिंघौल थाना क्षेत्र स्थित उलाव गांव का रहने वाला है। उसके घर का नाम गुड़िया था। पिता 3 भाई हैं। तीनों भाइयों के बीच वो अकेली बेटी थी। दो भाई हैं। बड़ा- सूरज और छोटा- आर्यदीप। छोटे भाई आर्यदीप ने सिमरिया घाट पर श्रेया को मुखाग्नि दी.पिता अरुण पाठक के मुताबिक, ‘श्रेया की शादी 11 दिसंबर 2024 को गढ़पुरा गांव के दिवाकर झा के बेटे संजय झा से हुई थी। लड़का रेलवे में TTE है। शादी के बाद वो करीब डेढ़ महीने तक ससुराल में ही रही। इस बीच एक या दो बार मायके आई थी। फिर फरवरी 2025 में बेंगलुरु चली गई। वहां से नहीं लौटी।

 

श्रेया बेंगलुरु में यशवंत नगर थाना क्षेत्र के बीके नगर में समृद्धि बिल्डिंग के सेकेंड फ्लोर पर रहती थी। वो BA फाइनल ईयर में थी। उसने कंप्यूटर में ADCA और ITI भी कर रखा था। बेंगलुरु में उसे रेलवे अप्रेंटिस की नौकरी मिल रही थी, लेकिन पति ने करने नहीं दिया.बेटी की शादी के बाद पिता अरुण पाठक ने 26 दिसंबर को किराए पर चलाने के लिए अर्टिगा कार खरीदी थी। इसके बाद से दामाद स्विफ्ट कार के लिए बेटी को परेशान करने लगा।’

 

 

पिता बोले- बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाया

 

पिता ने बेंगलुरु पुलिस को दिए आवेदन में कहा है, ‘शादी के एक महीने बाद से ही श्रेया को उसके ससुराल में टॉर्चर किया जाने लगा। उसकी तबीयत बिगड़ने पर मैंने उसे डॉक्टर को दिखाया।

 

मेंटल और फिजिकल टॉर्चर की वजह से उसे पैनिक अटैक आने लगे थे। अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पति कहता था- या तो अपने पिता से कहो वो स्विफ्ट डिजायर कार दे या फिर तुम टॉर्चर के लिए तैयार रहो।’अरुण पाठक ने बताया, ‘8 सितंबर 2025 को भी दामाद ने बेटी के साथ मारपीट की और कहा ये तुम्हें लास्ट वॉर्निंग है। फिर वो 10 सितंबर को मेरी बेटी को घर में अकेला छोड़कर एग्जाम देने के लिए चला गया। इन लोगों के टॉर्चर और उकसाने के कारण मेरी बेटी श्रेया ने अपनी जान दे दी।’

 

पिता बोले- शादी में 50 लाख से ज्यादा खर्च किए

 

श्रेया के पिता ने बताया, ‘शादी में 50 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए थे। दामाद को अपनी हीरे जैसी बेटी के साथ हीरे की अंगूठी भी दी थी। उसके परिवार के लोगों ने जो मांगा सब कुछ दिया, इंगेजमेंट में लाखों रुपए खर्च किए।दहेज में बेटी की खुशी के लिए साढ़े 6 कट्ठा जमीन बेचकर न सिर्फ 23 लाख रुपए कैश दिया। बल्कि बाइक, AC, फ्रिज, गहने के साथ बेड तक दिया था, लेकिन शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले स्विफ्ट डिजायर कार के लिए बेटी को परेशान करने लगे।’

 

अरुण पाठक ने कहा, ‘बेटी के साथ मारपीट करने लगे। बात-बात पर मेरी बेटी के साथ गाली-गलौज की जाती थी। नौकरानी से भी बदतर जिंदगी कर दी गई थी। बेटी हमको कहती थी, लेकिन हम कहते थे चलो कोई बात नहीं यह सब ऐसे ही होता है, ठीक हो जाएगा, लेकिन प्रताड़ना बढ़ती चली गई।बेटी को परेशान होता देख हमने अपने दामाद से फोन पर बात भी की थी, लेकिन उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।

 

 

पिता ने बेटी के लिए ऑनलाइन खाना ऑर्डर किया

 

श्रेया के पिता अरुण पाठक ने आगे बताया, ’10 सितंबर को बेटी को खाना भी नहीं दिया था। मैंने यहां से ऑनलाइन खाना भिजवाया। खाना खाकर उसने करीब 9 बजे फोन किया था तो खुश थी। थोड़ी देर बाद ही मां को फोन करके कहा कि मैं अब जिंदा नहीं रहूंगी। इसके बाद फोन कट हो गया।

 

हम लोगों को लगा कि किसी कारण से मोबाइल बंद हो गया होगा, लेकिन उसने ससुराल वालों की मेंटल टार्चर से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 10 सितंबर की रात ही मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ताला तोड़कर शव बरामद किया और हमलोगों को सूचना दी।’श्रेया की शादी के बाद की फोटो। मारपीट के बाद श्रेया वीडियो कॉल पर भाई और पिता को चोट के निशान दिखाती थी।

ननद ने वर्दी की धौंस दिखाई

 

पिता ने आगे कहा, ‘मौत की खबर सुनने के बाद हम लोग बेंगलुरु पहुंचे और पुलिस को दहेज लेन-देन से जुड़े वीडियो और सबूत दिखाए। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पति संजीव झा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

इस दौरान संजीव की बहन ने वहां भी वर्दी की धौंस दिखाने की कोशिश की, लेकिन हमारे पास टॉर्चर करने के सारे सबूत थे, इस वजह से उसकी कुछ चली नहीं।’ये छपरा में पोस्टेड दरोगा रश्मि झा की फोटो है। रश्मि पर आरोप है कि वो अपने भाई और मां के साथ मिलकर श्रेया को वर्दी का धौंस दिखाकर टॉर्चर करती थी।

पिता बोले- पढ़ी-लिखी बेटी थी, सुसाइड नहीं कर सकती

 

पिता का कहना है कि, ‘मेरी बेटी पहली सालगिरह भी नहीं मना सकी। बेटी को डोली में बिठाकर विदा किया था, लेकिन दुर्भाग्य ऐसा कि उस बेटी की अर्थी अपने ही घर से निकालना पड़ा।

 

हमारे यहां परंपरा है कि बेटी की डोली मायके से उठाती है और अर्थी ससुराल से, लेकिन मौत के बाद ससुराल वालों ने लाश लेने से भी इनकार कर दिया। उन लोगों ने आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। नहीं तो मेरी पढ़ी-लिखी बेटी किसी हालत में आत्महत्या नहीं करती। स्विफ्ट डिजायर कार के लिए इकलौती बेटी को दहेज की बलि चढ़ा दिया गया।’

 

मां बोली- मौत से पहले पति ने पुलिस से शिकायत की

 

मां रीता देवी ने बताया, ‘बेटी से बराबर बात होती थी। कहती थी कि पति, सास, ननद मिलकर प्रताड़ित करते हैं। 10 सितंबर की रात में करीब 9 बजे उससे बात हुई तो सब कुछ ठीक था। फिर फोन आया कि श्रेया ने आत्महत्या कर ली है।घटना बेंगलुरु में हुई। उससे 2 घंटे पहले ही करीब 7 बजे उसकी ननद और पति अपने गांव के गढ़पुरा थाना में सनहा दर्ज कराने गए थे कि श्रेया सुसाइड कर सकती है। आखिर वह लोग सूचना देने क्यों चले गए।’

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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