धक्का दे रेल यात्रियों का भटकाते थे ध्यान, फिर ले भागते थे उनका सामान, गिरफ्तार
बेगूसराय।बरौनी-कटिहार रेलखंड पर यात्रियों का सामान रहस्यमय तरीके से गायब हो रहा था। बैग, पर्स, मोबाइल और नकदी मानो हवा में उड़ जाते थे। कोई समझ भी नहीं पाता कि आखिर चोरी हुई कैसे। अब पुलिस ने इस काले कारनामे का राज खोला है। दरअसल, यह काम एक संगठित गिरोह का था, जो ट्रेनों में सवार होकर भीड़ के बीच ऐसा जाल फैलाते थे कि यात्री कुछ समझ ही नहीं पाते। जैसे ही ट्रेन में भीड़ बढ़ती, ये लोग जानबूझकर धक्का-मुक्की करते, गहमागहमी का माहौल बनाते और इसी दौरान सीट के नीचे रखे बैग या सूटकेस पर ब्लेड या चाकू चला देते। चंद सेकंड में बैग का चैन कट जाता और जेवर, नकदी, मोबाइल या जो भी कीमती सामान होता, वह हाथ बदलकर गायब हो जाता।
पीड़ित यात्री को भनक तक नहीं लगती कि उसका सामान कब और कैसे गायब हो गया। जीआरपी बरौनी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर यात्री सुरक्षा के लिए चलाए गए इस अभियान के तहत यह बड़ी कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि गैंग संगठित तरीके से काम करता था। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों का बैग, सूटकेस ब्लेड और चाकू से काटकर उड़ाना इनका पुराना तरीका रहा है। अब पकड़े गए चार की गिरफ्तारी के बाद तीन फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चल रहा है।
पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान पर पैनी नजर रखें। भीड़भाड़ में अजनबियों से दूरी बनाए रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत रेल पुलिस को सूचना दें। बरौनी मैदान में छापेमारी, 4 पकड़ाए आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना पर शनिवार को बरौनी रेलवे मैदान में जब छापेमारी की, तो इस गिरोह के चार सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस को देख तीन अपराधी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन चार को दबोच लिया गया। पकड़े गए बदमाशों में चंदन कुमार (19 वर्ष), पिता चौधरी शर्मा, हरवारी चौक झिटकीया वार्ड नं-04, थाना महेशखूट, जिला खगड़िया। दीपक कुमार (52 वर्ष), पिता बंकिमचन्द्र गुप्ता, महेशखूंट बाजार वार्ड नं-10, थाना महेशखूट, जिला खगड़िया। रणवीर पोद्दार (30 वर्ष), पिता कोको पोद्दार, बड़ी मदारपुर वार्ड नं-07, थाना महेशखूट, जिला खगड़िया। धरमवीर कुमार चन्द्रवंशी (42 वर्ष), पिता देवनन्दन चन्द्रवंशी, झिकटिया नवटोलिया वार्ड नं-10, थाना महेशखूट, जिला खगड़िया शामिल है।
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने चोरी के 4 मोबाइल फोन, ₹3400 नगदी, 2 चाकू, 2 ब्लेड और अन्य सामान बरामद किया है। पूछताछ में इन अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से ट्रेन में यात्रियों को निशाना बना रहे थे। उनका साफ कहना था—“भीड़ हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यात्री को भनक तक नहीं लगती और हम माल लेकर निकल जाते हैं।” बदमाशों ने बताया कि यात्रियों के सामने ही हम अपने गैंग के सदस्यों की सहायता से भीड़ लगा लेते थे तथा मौका पाकर समान लेकर ट्रेन से उतर जाते थे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
