समस्तीपुर में दक्षिण भारत के ऐहोल मंदिर की तर्ज पर पूजा पंडाल:मिथिला पद्धति से माता की आराधना
समस्तीपुर में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शिवकाली दुर्गा मंदिर में इस बार दक्षिण भारत के ऐहोल टेंपल की तर्ज पर पूजा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण पर करीब 15 लाख रुपए खर्च होंगे। कोलकाता से काम सीखकर आए 20 लोगों की टीम 16 अगस्त से निर्माण कार्य में जुटी हुई है।
पूजा समिति के सदस्य शिवानंद बमबम ने बताया कि यहां साल 2001 से लगातार पूजा किया जा रहा है। मिथिला पद्धति से माता की आराधना की जाती है। पूजा कराने के लिए दरभंगा से आचार्य ब्रजकिशोर झा और अवधेश झा आते हैं। इन्होंने हिंदू विश्वविद्यालय बनारस से माता की पूजा विषय पर ही पीएचडी कर रखा है।
कलाकारों की इच्छा से पंडाल का निर्माण
शिवानंद बमबम ने आगे कहा कि कोलकाता में रहकर दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल का निर्माण करने वाले कलाकार इस बार काम कर रहे हैं। दक्षिण भारत के कर्नाटक एहोल दुर्गा मंदिर का लुक दिया जा रहा है। कलाकारों का कहना है कि सप्तमी के दिन जब सुबह पूजा पंडाल में लोग आएंगे, तो पूरी तरह से यह मंदिर के आकृति में दिखेगा। जो आकर्षण का केंद्र बनेगा.पूजा समिति के अध्यक्ष विजय कुमार पासवान बताते हैं कि इस बार मूर्ति का निर्माण समस्तीपुर के रहने वाले कलाकारों द्वारा ही कराया जा रहा है। यह सभी कलाकार पहले चेन्नई में रहकर मूर्ति कला के क्षेत्र में काम कर रहे थे। मूर्ति के निर्माण पर 4 से 5 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पूजा पंडाल में अत्यधिक भीड़ जुटती है। जिस कारण सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूजा समिति के सदस्य तैनात रहेंगे। साथ ही नगर पुलिस के जवानों को भी यहां ड्यूटी देने के लिए कहा गया है। सबसे बड़ी बात है कि इस पूजा पंडाल को पिछले कई सालों से स्वच्छ पूजा पंडाल का अवॉर्ड मिलता रहा है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
