चुनावी चंदे के रूप में अडानी को 1200एकड़ जमीन सौंपी’:कांग्रेस बोली किसानों की जमीन अठन्नी के भाव में दी गई
बिहार में चुनाव से पहले 1200 एकड़ कृषि योग्य जमीन भाजपा के इशारे पर अदाणी पावर को 1 रुपए प्रति वर्ष की दर पर और 10 लाख नकदी पेड़ों के कुर्बानी पर दे दिए जाने को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है।
बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की जमीन अठन्नी के भाव में अडानी को दी गई है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और नीतीश कुमार ने चुनावी चंदा के लालच में कृषि योग्य जमीन अदानी को सौंप दी है।राजेश राठौड़ ने किसानों की हकमारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सरकार किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दे रही है और भयाक्रांत कर जमीन हड़प रही है।
उन्होंने 2013 के यूपीए शासन काल के दौरान बनाए गए जमीन अधिग्रहण कानून के अनुसार सर्किल रेट से चार गुणा मुआवजा किसानों को देने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार पांच सालों तक यदि अधिग्रहीत जमीन का इस्तेमाल नहीं होने पर उन्हें भू स्वामियों को वापस करने का भी प्रावधान है और उन्हें नए रेट से मुआवजा देने का प्रावधान है।
NDA का “एक पेड़ मां के नाम” का छलावा
उन्होंने बिहार की वर्तमान नीतीश-एनडीए सरकार पर कड़े सवाल दागे और कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” का छलावा करने वाली भाजपा ये बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दस लाख आम लीची जैसे नकदी वृक्षों की कुर्बानी और देश में सबसे महंगी प्रति यूनिट 6.75 रुपए के दर पर बिजली बिक्री किसके फायदे के लिए दे रहे हैं?
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
