कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में बिहार का जवान शहीद:मां-पिता और पत्नी को शहादत की खबर नहीं
पटना.भागलपुर.जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान भागलपुर के जवान शहीद हो गए। शहीद अंकित यादव(35) रंगरा प्रखंड के चापर गांव के रहने वाले थे। पार्थिव शरीर आज गांव पहुंचेगा। शहादत की खबर मां-पिता और पत्नी को नहीं दी गई है।अंकित बारामुला जिले के उरी सेक्टर में टिका पोस्ट के पास तैनात थे। मंगलवार की रात अचानक आतंकियों की ओर से फायरिंग होने लगी। जवाबी कार्रवाई के दौरान आतंकियों की गोली अंकित को लग गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जख्मी हालत में पहले एआईपी-06 और फिर देवी पोस्ट लाया गया। बटालियन के आरएमओ ने ढाई घंटे तक उनका इलाज किया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह 6:15 बजे दम तोड़ दिया।शहीद के गांव में गांव में बाढ़ का पानी है। यहां तक की घर में भी पानी घुसा हुआ है। इस वजह से गांव के बाहर टेंट लगाया है। जहां पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
एक महीने पहले कश्मीर गए थे
अंकित चार भाइयों में सबसे छोटे थे। पिता का नाम लक्ष्मी यादव किसान हैं। माता सविता देवी गृहिणी हैं। सबसे बड़े भाई जेसीओ के पद से रिटायर हुए हैं। मंझले भाई मिथिलेश यादव आरपीएफ बख्तियारपुर में तैनात हैं। तीसरे भाई मुकेश यादव आर्मी से रिटायर्ड हैं।
बचपन से ही उनका सपना था देश की सेवा करना। सेना में भर्ती होकर उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया। एक महीने पहले मेरठ से ट्रांसफर होकर कश्मीर गए थे। गांव के ही सद्भाव हाई स्कूल से मैट्रिक पास किए। 2017 में शादी हुई थी। 2 बच्चे हैं। पत्नी और दोनों बच्चे कटिहार में हैं।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
ग्रामीणों के अनुसार, अंकित न केवल एक बहादुर सैनिक थे बल्कि एक सरल और मिलनसार व्यक्ति भी थे। उनकी शहादत पर पूरा नवगछिया अनुमंडल और भागलपुर जिला गौरवान्वित है। वर्तमान में पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है। एक तरफ लोग अपने वीर सपूत की अंतिम विदाई की तैयारी में है, दूसरी ओर बाढ़ से निपटने में जुटे हैं। प्रशासन पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। ग्रामीण वीर जवान के अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा में हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
