पटना जंक्शन से अपहृत ढाई साल का बच्चा सीतामढ़ी से बरामद,गिरफ्तार तस्कर सरकारी कर्मी
पटना.पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 10 से अपहृत ढाई साल के सोनू को सीतामढ़ी के खैरवा से बरामद कर लिया गया। वहीं, बच्चा चोर गिरोह से जुड़े दो तस्करों दीनानाथ साह और टिंकू उर्फ बृजनंदन को गिरफ्तार कर लिया गया।
रेल एसपी एएस ठाकुर ने बुधवार रात पटना जंक्शन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने बच्चे को बरामद किया, जबकि सोनू के पिता जितेंद्र कुमार का दावा कि पुलिस ने नहीं, बल्कि परिजनों और गांव वालों ने सीतामढ़ी के खैरा गांव से बरामद करने के बाद पुलिस को सूचना दी। घटना 28 जून को हुई थी।
बच्चे की मां राधा देवी पति से लड़ाई कर पटना जंक्शन पहुंची थी। इस बीच 40 साल का एक अनजान राधा से मिला और बच्चे से घुलमिल गया। इसके बाद उसे लेकर फरार गया। फिर उसने बच्चे को खैरवा गांव के दीनानाथ को 2 लाख 70 हजार में बेच दिया। दीनानाथ ने उस बच्चे को टिंकू को 2 लाख 70 हजार में बेच दिया। दीनानाथ और टिंकू, दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। जितेंद्र चालक है। वह सीतमड़ी के टाउन थाना के मालीपुर पकड़ी गांव का रहने वाला है। सोनू जितेंद्र का इकलौता बेटा है। रेल एसपी ने बताया कि पटना जंक्शन से बच्चे को चोरी करने वाला गिरफ्तार नहीं हुआ है। पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी करने में जुटी है। 30 जून को केस दर्ज हुआ था।
गिरफ्तार तस्कर सरकारी कर्मी
जितेंद्र ने बताया कि प|ी मायके जाने के लिए पटना जंक्शन गई थी। मेरे गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर दीनानाथ और टिंकू का गांव है। 28 जून को बच्चा के गायब होने के बाद खोजबीन शुरू की। इसी बीच उसी गांव में रहने वाले एक करीबी परिजन ने बताया कि बौआ का स्टेटस दीनानाथ लगाया हुआ है। इसके बाद सब लोग वहां पहुंचे और बच्चे को बरामद कर लिया। दीनानाथ सरकारी कर्मी है। वह एक अस्पताल चलाता है। यू-ट्यूब से ऑपरेशन करने में नवजात की मौत के बाद वह एक बार जेल भी गया है। जितेंद्र ने बताया कि टिंकू को शादी के 25 साल बाद भी उसे बच्चा नहीं है। वह पहले भी चार साल की एक बच्ची को खरीदा था। जितेंद्र ने कहा कि बच्चा पटना जंक्शन से किसने चोरी की, नहीं मालूम है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
