पटना में देश का सबसे बड़ा यूनानी मेडिकल कॉलेज दो साल में तैयार
पटना.राजधानी में दो साल के अंदर देश का सबसे बड़ा यूनानी चिकित्सा कॉलेज बन कर तैयार हो जाएगा। एनएमसीएच के पास 264 करोड़ की लागत से इस अत्याधुनिक कॉलेज का निर्माण हो रहा है। ये बातें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुद्धमूर्ति स्थित राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के 99वें स्थापना दिवस समारोह में कहीं।
समारोह का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री के साथ ही डॉ. अहमद अब्दुल हई, आईसीएमआर के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडे, तिब्बी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. महफुजूर रहमान ने किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए यूनानी मेडिकल कॉलेज में 125 स्नातक और 31 स्नातकोत्तर सीटों पर नामांकन होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही तिब्बी कॉलेज को 15 असिस्टेंट प्रोफेसर मिलेंगे, जिसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
कॉलेज में सुविधाएं
पांच मंजिला भवन : पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस होगा।
200 बेड का अस्पताल : इलाज और प्रशिक्षण दोनों के लिए उपयोगी होगा।
500 सीटों वाला वातानुकूलित सभागार : छात्रों व आयोजनों के लिए एक बड़ा स्थान प्रदान करेगा।
उच्चस्तरीय प्रयोगशालाएं : 150 छात्रों की पढ़ाई में सुविधा होगी।
आवासीय सुविधा : शिक्षकों, चिकित्सकों और छात्रों को रहने में सुविधा होगी।
प्राचार्य ने सात मांगें रखीं
प्राचार्य डॉ. महफुजूर रहमान ने स्वास्थ्य मंत्री से कॉलेज के लिए सात महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें 15 नियमित या संविदा पर प्राध्यापकों की बहाली, एक एंबुलेंस, छात्रों के लिए एक बस और स्नातक-स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि शामिल हैं। मंत्री ने इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। डॉ. अहमद अब्दुल हई ने तिब्बी कॉलेज से अपने परिवार के पुराने जुड़ाव का जिक्र किया। आईसीएमआर के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडे ने डायबिटीज सहित अन्य दवाओं के शोध पर एमओयू साइन करने की बात कही। उन्होंने इसके लिए दिल्ली स्थित शोध संस्थान को प्रस्ताव भेजने की जानकारी भी दी। अगले साल 100वां स्थापना दिवस भव्य तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर एक साल का कैलेंडर भी जारी किया गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
