समस्तीपुर:देवर से एकतरफा इश्क में भाभी ने की बेटी के साथ की आत्महत्या,पति बोला- मैं दोनों की शादी के लिए तैयार था
समस्तीपुर में फंदे से लटकी मां और बेटी की लाश मिली है। जिस कमरे में लाशें मिली हैं, उस कमरे में तीन फंदे लटके थे, जो 4 फीट की हाइट पर थे। तीसरा फंदा बेटे के लिए लगाया था, लेकिन वो बच गया।पति रौशन चौधरी कहते हैं, ‘मेरी शादी 7 साल पहले हुई थी। मेरी पत्नी मेरे भाई गुलशन से एकतरफा प्यार करती थी। भाई ओडिशा में रहता है। मैंने उसे काफी समझाया था कि ऐसा नहीं हो सकता है, लेकिन वो 3 साल से शादी के लिए जिद कर रही थी।’
‘वो बदमाश थी। मेरी बात नहीं सुनती थी। अपनी जिद मनवाने के लिए उसने पहले भी सुसाइड करने की कोशिश की थी। भाई से शादी की बात को लेकर ही कल से घर में विवाद हो रहा था।’आज जब घर में कोई नहीं था तो उसने बेटी के साथ आत्महत्या कर ली। मैं तो उसकी शादी अपने भाई से करवाने के लिए राजी भी हो गया था।’ घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र मनियारपुर पंचायत के वासुदेवपुरम गांव की है।
सुमन अपने 5 साल के बेटे को भी मारना चाहती थी
सुमन के बेटे आदर्श (5) ने कहा, ‘मम्मी ने पहले बहन आराध्या (6) को फंदे से लटकाया था। फिर मुझे लटका दिया और अंत में वो खुद लटक गई। मेरा फंदा बड़ा बन गया था, इसलिए मैं फंदे से निकल गया।’मैंने भागकर कमरे का दरवाजा खोला। बाहर दीदी (पड़ोसी) मिली, मैंने उन्हें बताया कि आराध्या और मम्मी मर गईं।’
आदर्श के इतना कहने के बाद आसपास के लोग जुटे। मृतका की सास इंदू भी घर के पास पहुंची। सभी कमरे में गए तो मां-बेटी की लाश रस्सी से लटकी हुई थी। जिसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
पहले बेटे-बेटी को कमरे में ले गई, फिर खुद भी गई
मृतका की सास इंदू ने बताया, ‘घर में काफी विवाद चल रहा था। मैंने मायके वालों से कहा था कि अपनी बेटी को यहां से ले जाएं, लेकिन मायके वालों ने उसे ले जाने से इनकार कर दिया।”बहू घर के पास अकेले बैठी हुई थी। मैंने उसे खाना खाने के लिए बोला था। वो बोली कि मैं कुछ नहीं खाऊंगी। वो फूल तोड़ने के लिए चली गई।’
सुमन सुधरने का नाम नहीं ले रही थी
ग्रामीण रीना देवी ने कहा, ‘सुमन को देवर से लगाव था। अपने पति की नहीं सुनती थी। 4 दिन पहले से बहू के मायके वालों को फोन किया गया कि लड़की को समझाएं, लेकिन वे लोग कह रहे थे कि बेटी ठीक है। वो सुधरने का नाम नहीं ले रही थी।
मायके वालों ने कहा- देवर जबरदस्ती करता था
मृतका की बहन संतोषी ने कहा, ‘4 दिन से सुमन खाना नहीं आ रही थी। देवर गुलशन उसके साथ जबरदस्ती करता था। सुमन तो देवर को अपने पास आने तक नहीं देती थी। ये बात जब पति रौशन को पता चला तो वो अपनी पत्नी को ही प्रताड़ित करने लगा, जबकि उसे तो अपनी पत्नी का सपोर्ट करना चाहिए था।’उसका पति अपनी मां इंदू को सुमन के खिलाफ भड़काता था। पत्नी को गाली देता था। सुमन के साथ मारपीट होती थी। आसपास की महिलाएं भी उसे प्रताड़ित करती थी। मेरी बहन ने मुझसे कहा था, ‘मुझे बार-बार प्रताड़ित किया जाता है। पति साथ नहीं देते हैं। ऐसी स्थिति में कैसे जीएं।’
मेरी बहन और भतीजी को मार दिया गया है
मृतका के चचेरे भाई सज्जन कुमार ने कहा, ‘हमलोगों को फोन आया कि तुम्हारी बहन ने आत्महत्या कर ली। वहां गए तो 3 फंदे लगे थे। 2 लाशें पड़ी थी। मेरा भांजा ठीक था। मेरी बहन और भांजी को मार दिया गया है।’वहां की महिलाएं कह रही थी कि 2 को मार दिए हैं, तुम लोगों को भी मार देंगे। प्रशासन वहीं खड़ा था। हर घर में लड़ाई होती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उसे मार दें।मृतका के चाचा नंद किशोर चौधरी ने कहा, ‘हमें लग रहा कि हत्या कर लाश को फंदे से लटका दिया। 4 फीट पर फंदा था। तीन फंदे लटके थे।’
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
