मुजफ्फरपुर में महिला ने थानेदार पर लगाया पिटाई का आरोप:आयोग में शिकायत दर्ज
मुजफ्फरपुर.विष्णुदेव नारायण सिंह इंटर कॉलेज के क्लर्क विशाल कुमार (29) ने पुलिस पर मारपीट की आरोप लगाया है। इनका कहना है कि बंद कमरे में 100 लाठी मारी गई है। इसके बाद अब शनिवार को थानेदार पर कॉलेज की आदेशपाल कुमारी शबनम को पीटने का आरोप लगा है। पीड़िता ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है। साथ ही सीएम-पीएम से लेकर राष्ट्रपति को लेटर लिख कर शिकायत की है।कॉलेज की आदेशपाल कुमारी शबनम ने बताया कि कल 11:30 बजे रामपुरहरी थानाध्यक्ष दल बल के साथ कॉलेज पहुंचे। महिला का कहना है कि थानेदार डराने धमकाने के लिए यहां आए थे। उनका कहना था कि विशाल पर सभी स्टाफ एफआईआर दर्ज कराएं, क्योंकि उसने मुझे फंसाया है।थानेदार ने सबसे पहले अकाउंटेंट के कमरा का ताला तुड़वाया। कमरा की तलाशी ली। थानेदार को शक है कि कोई लूट हुई ही नहीं है और विशाल झूठा आरोप लगा रहा है। इसलिए थानेदार ने कमरे की तलाशी ली। सभी स्टाफ को धमकी देने लगे कि मीडिया में मेरा नाम उछाला है, उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाइए, नहीं कीजिएगा तो हम सबको गलत आरोप लगा कर फंसा देंगे।
हॉस्पिटल में वीडियो बना कर वायरल करने का शक
महिला को इसलिए धमकी दी है कि थानेदार को लगता है कि महिला ने हॉस्पिटल में थानेदार का वीडियो बनाया जब वो विशाल से मारपीट मामले में माफी मांग रहे थे। महिला ने ही वीडियो को वायरल कर दिया। महिला डरी हुई है इसलिए वरीय पुलिस अधिकारी के पास नहीं गई है और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।सभी स्टाफ डर गए और बोले कि ठीक है, आप जो बोलेंगे, वो करेंगे। लेकिन, हम लोगों को कुछ मत कीजिए। उसके बाद मुझसे रूम में बंद कर पूछताछ की। मैंने थानेदार से कहा था कि मुझे कुछ भी नहीं पता है। थानेदार ने मुझे चार-पांच थप्पड़ मारा। कॉलेज के दो स्टाफ के साथ मुझे भी थाना लाया गया।
थाने में बंद कर दी गंदी गाली
थाना पर मुझे एक कमरा में बंद करके धमकी दी और गंदी-गंदी गाली दी। थानेदार ने कहा कि बताओ, नहीं तो हम तो बर्बाद होंगे ही, तुमको भी गलत आरोप लगा कर बर्बाद कर देंगे। हॉस्पिटल में तुम ने ही मेरा वीडियो बनाया था। तुमसे मैं बदला लूंगा। थानेदार ने मुझे गाल पर चार-पांच थप्पड़ मारे। उसके बाद गला पकड़कर दीवार में मेरे सिर को पटकने लगे।महिला ने कहा कि मुझे गंदा गंदा गाली भी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अपने पति को बुलाओ, नहीं तो हम उसको उठवा लेंगे। जिसके बाद मैंने अपने पति को फोन कर थाना बुलाया। जब मेरे पति आए तो उनसे कहा कि तुम्हारी पत्नी लूटपाट करती है, तुम भी इसमें शामिल है। मेरे पति ने कहा कि हम ऐसा कुछ नहीं करते है। उसके बाद पति को बोले कि एक आवेदन लिखकर दीजिए कि आपके पत्नी को कुछ नहीं किए है।
मजबूरन थाने में बयान लिख कर दिया
महिला ने कहा कि मैंने थाने में मजबूरन लिख कर दिया कि मुझे टॉर्चर नहीं किया गया है। गुरुवार की रात 1:30 बजे मेरे भाई को भी उठाकर थाना लाया गया था। उसको भी बहुत टॉर्चर किया गया। सुबह 9 बजे भाई को थाना से छोड़ा गया।
दरअसल, हॉस्पिटल में थानेदार के माफी मांगने का एक वीडियो भी सामने आया है।
मानवाधिकार मामलों के वकील एसके झा ने बताया कि थानेदार की ओर से पहले कॉलेज के महिला लेखपाल की पिटाई की है। जिसके बाद उन्होंने अस्पताल में जाकर उससे माफी मांगी थी। अब कॉलेज के महिला आदेशपाल की पिटाई की गई है। महिला बहुत डरी सहमी हुई है। उसके भाई को भी उठाकर पीटा गया है।
महिला के शरीर पर चोट का निशान
वकील ने आगे कहा कि महिला से जबरदस्ती लिखवाकर लिया गया है कि उसके साथ मारपीट नहीं की गई है। लेकिन, महिला के शरीर पर चोट का निशान है। वह पर्याप्त सबूत है। अगर महिला का सही से काउंसलिंग नहीं किया जाएगा, तो हो सकता है कि महिला आत्महत्या भी कर लेगी। हमने मानवाधिकार आयोग को पूरी जानकारी दी है। सोमवार को कोर्ट को भी पूरी जानकारी देंगे।महिला को गैर कानूनी तरीके से थाने में रखा गया है। दो पिटिशन हमने दाखिल किया है। एक नैशनल ह्यूमन राइस कमीशन में और दूसरा बिहार स्टेन ह्यूमन राइट कमीशन में हमने पिटीशन दाखिल किया है। हमने आयोग के पदाधिकारियों को भी सूचना दी है। महिला ने बताया है कि 10 जुलाई 2025 को मायके में भी पुलिस गई थी। भाई को भी पुलिस ने पकड़ कर पीटा है.सबसे बड़ी बात है कि इनसे झूठा लिखित आवेदन लिया गया है। कोर्ट को भी मैं पूरी घटना की जानकारी दूंगा।
राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री से की शिकायत
पीड़िता ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग, डीजीपी, आईजी, जिलाधिकारी, एसएसपी को डाक के माध्यम से शिकायत भेजी है। सभी से इंसाफ की गुहार लगाई है।
दरअसल, कॉलेज के क्लर्क विशाल मंगलवार को 2,11,200 रुपए सेंट्रल बैंक में जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर सारे पैसे लूट लिए। वो इसकी शिकायत करने रामपुरहरी थाने पहुंचे थे। वहां थानेदार पर मारपीट करने का आरोप है। इसी मामले में अब शनिवार को थानेदार पर महिला लेखपाल के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि रामपुरी हरि थानाध्यक्ष के पिटाई के आरोप मामले में एएसपी पूर्वी की ओर से जांच किया जा रहा है। महिला ने हमारे पास कोई शिकायत नहीं की है। जांच के बाद दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
