रील्स बनाकर फेमस होने के लिए घर से भागीं किशोरियां,एक महीने के बाद तीनों हुईं बरामद
पटना.औरंगाबाद की लापता 3 लड़कियां 1 महीने के बाद पटना के मीठापुर से बरामद हुईं। तीनों नाबालिग हैं, आपस में इनकी दोस्ती है। तीनों 9वीं की छात्राएं हैं, एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। तीनों 16 मई को अपना शौक पूरा करने के लिए घर से निकली थीं।
किशोरियां रील्स से सोशल मीडिया पर वायरल होना चाहती थी और उससे होने वाली कमाई से मौज का सपना देखा करतीं थीं। पटना में एक सहेली के पास तीनों रह रहीं। सहेली पटना में किराए के घर में अकेली रहती है। किशोरियां अपने साथ मोबाइल नहीं लेकर गईं थी, इसलिए पुलिस को बरामदगी में परेशानी हो रही थी।
करीब एक सप्ताह पहले पुलिस के हाथ एक रील्स लगा। जिसमें तीनों दिख रहीं थी। वीडियो में एक दूसरी लड़की और एक बाइक भी दिख रही थी। चौथी लड़की तीनों किशोरियों की सहेली थी, जिसके पास वे रह रहीं थी। पुलिस ने बाइक के नंबर से मालिक का पता लगाया। उससे संपर्क करने के बाद किशोरियों तक पुलिस पटना पहुंची।
20 जून को पुलिस तीनों को लेकर औरंगाबाद पहुंची और 21 जून को तीनों का मेडिकल कराकर परिजन को सौंप दिया गया।घर से भागने वालीं किशोरियों की उम्र 14,15 और 13 साल की। तीनों ने घर में बहाना बनाया था कि बैंक में खाता खुलवाने के लिए जा रही हूं। शाम तक लौट जाऊंगी।
जब तीनों घर नहीं लौटी तो परिजन ने काफी खोजबीन की। कुछ पता नहीं चला तो रफीगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रफीगंज थाने की महिला एसआई सोनाली कुमारी को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। परिजन ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से मदद मांगी थी।
गूगल पर म्यूजिक स्टूडियो सर्च कर पटना गईं
किशोरियों ने पूछताछ में बताया कि हमें पहले से रील्स बनाने और फेसम होने का शौक था। गूगल पर म्यूजिक स्टूडियो सर्च कर पटना चली थी, लेकिन डांस नहीं आता था। स्टूडियो संचालक ने पहले हमें डांस और एक्टिंग सीखने के लिए कहा था। अपने दोस्त के किराए वाले घर में रह रही थी। वहीं रहकर डांस सीख रही थी।थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि तीनों को पटना से बरामद कर मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
