इंटर में पढ़ने वाली बेटी की हत्या कर 50 दिन तक घूमता रहा पिता:अफेयर की बात पर हत्या
पटना।मोतिहारी में एक पिता को अपनी नाबालिग बेटी की प्रेम प्रसंग की जानकारी मिली। उसने 4 मई की सुबह बेटी को डांटा, बात बढ़ी तो पिटाई भी की। पिटाई के दौरान बेटी की मौत हो गई। पिता बेटी की लाश को रात तक घर में छिपाए रखा।इसके बाद देर रात वो बाइक से बेटी की लाश को घर से 4 KM दूर मक्के की खेत में दफन कर लौट आया। बेटी की मौत का राज 20 जून तक छिपा रहा, लेकिन बेटी के लिए सिलवाए गए एक फ्रॉक के टैग ने सारा राज खोल कर रख दिया।
ये पूरा मामला मोतिहारी के तुरकौलिया थाना इलाके के नायका टोला गांव की है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए। कैसे पुलिस लड़की की मौत के मामले पिता तक पहुंची और अरेस्ट किया।आरोपी पिता का नाम मनोज सिंह है। बेटी की मौत के बाद वो सामान्य जीवन जी रहा था। तभी 20 जून को मक्के की खेत में एक किसान को एक जगह से तेज बदबू आती है। शव होने के शक पर पुलिस को सूचना दी जाती है। पुलिस गढ्ढ़े से गली हुई लाश निकालती है।
लाश की पहचान के लिए डॉग स्क्वायड की टीम बुलाई गई थी।
पुलिस के सामने लाश की पहचान चुनौती बनी थी। डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया जाता है। टीम खेत से कुछ दूर रिहायशी इलाके के पास जाकर रुक जाती थी। तभी पुलिस को लाश से सटी हुई फ्रॉक से एक दर्जी का टैग मिलता है।पुलिस दर्जी के पास पहुंचती है। टैग दिखाकर उससे जानकारी लेती है। दर्जी बताता है कि मनोज सिंह ने अपनी बेटी के लिए मुझसे ही 2 फ्रॉक सिलवाई थी।
पिता ने कबूला जुर्म
पुलिस मनोज सिंह के घर पहुंचती है। उससे उसकी बेटी के बारे में पूछती है। पहले तो मनोज बातों को टालता है, लेकिन जैसे ही पुलिस सख्त होती है, वो पूरी कहानी बताता है।आरोपी मनोज के मुताबिक लव अफेयर को लेकर उसने बेटी को डांटा और पीटा था। उसके बाद उसने सुसाइड कर लिया। फंसने के डर से मैंने लाश को दफना दिया था। बेटी इंटर में पढ़ती थी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
