बिहार में सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू करने के लिए प्रदर्शन
पटना।बिहार की सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल लागू करने की मांग को लेकर गुरुवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया। बिहार स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष दिलीप कुमार ने महाआंदोलन का आह्वान किया था। पटना कॉलेज से हजारों छात्र गांधी चौक, मुसल्लहपुर, भिखना पहाड़ी, नयाटोला, मछुआटोली, हथुआ मार्केट होते गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर पहुंचे, जहां पुलिस ने रोक दिया।
छात्रों ने नारा लगाया-लाठी खाए बिहारी और नौकरी ले बाहरी, वोट दे बिहारी और नौकरी ले बाहरी…अब ये नहीं चलेगा। काफी देर तक प्रदर्शन जारी रहा। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन द्वारा वार्ता के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय ले जाया गया। प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता दिलीप कुमार के साथ शशिकला, सुष्मिता, दीपक पांडेय और रविशंकर सिंह शामिल थे।
दिलीप ने कहा कि कुछ राज्यों में प्रत्यक्ष रूप से डोमिसाइल लागू है, जिससे बिहार के अभ्यर्थियों का नुकसान हो रहा है। कुछ राज्यों में परीक्षा की प्रक्रिया और सिलेबस ऐसा बनाया गया है, जिससे उस राज्य से संबंधित प्रश्न अधिक पूछकर वहां के अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया जाता है यानी अप्रत्यक्ष रूप से डोमिसाइल लागू है। बिहार में शिक्षक भर्ती में सौ प्रतिशत डोमिसाइल लागू हो, क्योंकि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में देने से बच्चों को फायदा होता है।दारोगा, सिपाही, लाइब्रेरियन, बीएसएससी सहित बिहार की अन्य सभी सरकारी नौकरियों में 90 प्रतिशत डोमिसाइल प्रत्यक्ष रूप से लागू हो। 10 प्रतिशत सीटें खुली रखी जाएं जिसमें बिहार से बाहर के अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर हो सकता है। लेकिन बिहार की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बिहार से संबंधित प्रश्न अधिक-से-अधिक पूछकर अप्रत्यक्ष रूप से भी डोमिसाइल लागू किया जाए।
दिलीप ने कहा कि सात दिन के अंदर सरकार द्वारा डोमिसाइल पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रियंका पटेल, फरहा खातून, खुशबू, अनामिका, मोना, रौशन, रवि दास, राजेश मालाकर, संतोष, विक्रम, आर्यन, अभिनव, आकांक्षा, रीतू, विकास आदि शामिल थे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
