समस्तीपुर:स्कूलों में अब टैबलेट से बनेगी हाजिरी व पढ़ाई की निगरानी,मिलेंगे टैब
समस्तीपुर.जिले के सभी 2799 प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को सरकार अब टैब देने जा रही है। इन विद्यालयों के कुल 25034 शिक्षकों की अब असली परीक्षा शुरू होने वाली है। जिले में छात्रों की संख्या लगभग आठ लाख है। राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक मयंक वरवड़े के निर्देश से जिले के सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक सतर्क हो गए हैं। टैब का पूरा उपयोग, देखभाल, संधारण, उपस्थिति और पढ़ाई का विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे स्कूलों की असल स्थिति सामने आएगी।
कई स्कूलों में बच्चों की संख्या मानक से कम है। पढ़ाई का माहौल नहीं है। शिक्षक अन्य गतिविधियों में लगे रहते हैं। अब टैबलेट से यह सब रिकॉर्ड होगा। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशानुसार तीन निजी कंपनियां टैबलेट की आपूर्ति करेंगी। हर टैबलेट की पहचान संख्या यानी आईएमईआई नंबर के साथ वितरण होगा। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को दो-दो टैबलेट मिलेंगे। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार दो या तीन टैबलेट दिए जाएंगे।
हर स्कूल के एक प्रधानाध्यापक और एक शिक्षक को टैबलेट संचालन और विवरण संधारण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। टैबलेट के साथ वितरण रसीद, उपयोग की पुष्टि और फोटो प्रमाण अनिवार्य होगा। प्रखंडवार विद्यालयों की संख्या के अनुसार बीआरसी में टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति में सभी स्कूलों के प्रधान और एक शिक्षक को बुलाया जाएगा। चयनित एजेंसी टैबलेट को फंक्शनल कर प्रशिक्षण देगी।
प्रखंड संसाधन केंद्र के अनुदान से इंटरनेट का खर्च होगा वहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रखंड संसाधन केंद्र के अनुदान से इंटरनेट और तकनीकी व्यवस्था के लिए खर्च किया जा सकता है।टैबलेट का उपयोग केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। इससे छात्र उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति, परीक्षा परिणाम, मध्याह्न भोजन निगरानी और विभागीय निरीक्षण जैसे कार्य भी होंगे। जिला शिक्षा कार्यालय को राज्य परियोजना कार्यालय के साथ प्रतिदिन का विवरण साझा करना होगा। अब कोई बहाना नहीं चलेगा। टैबलेट से हर गतिविधि पर सीधी निगरानी होगी।
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