“बालू-मिट्टी कटाकर थाना चलाते हैं, हम मालिक हैं:मंसूरचक थानाध्यक्ष का गाली देते हुए वीडियो वायरल,निलंबित
बेगूसराय.बेगूसराय में मंसूरचक थानाध्यक्ष रोहित गुप्ता पर अवैध खनन माफिया को सहयोग करने का आरोप लगा है। थानाध्यक्ष का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अवैध खनन करवा कर थाना चलाने की बात कहते हुए गाली-गलौज करते दिख रहे हैं। मंसूरचक थानाध्यक्ष रोहित गुप्ता का यह वीडियो वायरल हुआ तो गुरुवार को मंसूरचक प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष इजहार अंसारी, मुखिया राममूर्ति चौधरी और सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजेश कुमार ने इसकी शिकायत SP कार्यालय में की है।
इस मामले में SP मनीष ने बताया कि आज मंसूरचक थानाध्यक्ष रोहित कुमार गुप्ता का मंसूरचक थाने में पद का दुरूपयोग करते हुए एक व्यक्ति से अभद्र-अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने संबंधित वायरल वीडियो मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए तेघड़ा DSP से जांच कराई गई। अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किए जाने को सही पाने पर थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए कार्रवाई की जा रही है।।
क्या है वायरल वीडियो में…
सोलह, सतरह, अठारह, उन्नीस, बीस, एक्कीस, बाईस, तेईस, 6 हजार रुपए मेरा लगा है। SP साहब हमसे पुछे। वहां से पूछा कि सर इतना दिन गाड़ी चला रहे हैं आप, स्पष्टीकरण मांग लेगा कि इस बीच आप गाड़ी कैसे चला लिए ? हम बोले- भष्ट्राचार से, मिट्टी कटा कर। कौन बोलता है कि (गाली देते हुए) हम ट्रैक्टर पकड़ लेंगे। किसी को गाली देते हुए थानाध्यक्ष कहते हैं कि औकात है 16,17,18 से 23 तक हमसे स्पष्टीकरण मांगेगा कि कैसे आपने गाड़ी चलाया। हम कहेंगे कि सर बालू कटा के चलाए, मिट्टी कटा के चलाए, क्योंकि तेल हमारे यहां नहीं आया। कौन भाई कहता है कि गाड़ी रोकेगा। थाना का हिसाब हम पकड़े हैं। हम मालिक हैं। हम (गाली देते हुए) फंसेगे। तू कौन होता है ?
बिचौलिए के माध्यम से ही बात करते हैं थानाध्यक्ष
इस मामले में SP को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि थानाध्यक्ष स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना या पंचायत की किसी योजना में मिट्टी कटवाने पर ट्रैक्टर जब्त कर लेते हैं। बिचौलियों के माध्यम से राशि लेकर अवैध खनन करवाते हैं। वायरल वीडियो में थानाध्यक्ष खुद मिट्टी काटकर थाने की गाड़ी चलाने की बात कह रहे हैं।
मुखिया राममूर्ति चौधरी ने बताया कि मंसूरचक थाना प्रभारी हम लोगों से कोई बात नहीं करते हैं। कोई भी शिकायत हो तो वह बिचौलिए के माध्यम से ही बात करते हैं। सबसे बड़ी समस्या है कि आवास योजना के लिए अगर कोई एक ट्रैक्टर मिट्टी कटवाता है तो उसे पकड़ लेते हैं, लेकिन तीन हजार रुपए प्रत्येक दिन के हिसाब से बिचौलिए का मिट्टी कटवाते और बिकवाते हैं।
मैं थाना का मालिक, जो मन होगा करेंगे
उन्होंने कहा कि थाना आए जनप्रतिनिधियों को बैठाने की बात तो दूर डायरेक्ट कहते हैं कि काम नहीं होगा। वहीं बिचौलियाें से सहानुभूति पूर्वक बात करते हैं और नहीं होने वाला भी काम करते हैं। इसके कारण हम लोगों ने शांति समिति की बैठक में जाना भी छोड़ दिया है। स्पष्ट कहते हैं कि मैं थाना का मालिक हूं, जो मन होगा करेंगे, कोई क्या कर लेगा। थाना में CCTV कैमरा लगा हुआ है, उसकी जांच किया जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि थाना प्रभारी कितने बिचौलियों के संपर्क में हैं।