सबसे बड़ी बाधा दूर:खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के निर्माण की मिली अनुमति,तेजी से होगा काम
पटना.15 अगस्त से पटना मेट्रो के पहले चरण को चालू करने की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। जिला प्रशासन ने खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य की अनुमति दे दी है। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण को लेकर निर्माण कार्य बाधित था। जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। यह एलिवेटेड इंटरचेंज स्टेशन होगा।
जमीन का मामला नहीं सुलझने के कारण डीएमआरसी द्वारा खेमनीचक स्टेशन को बाइपास कर मेट्रो का परिचालन करने की योजना बनाई जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक अब खेमनीचक स्टेशन का निर्माण तेजी से कर पहले चरण में चालू होने वाली योजना में शामिल किया जाएगा।
पहले चरण में मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बीच मेट्रो चलेगी। इसकी लंबाई 6.63 किमी है। इसमें मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरोमाइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन शामिल हैं। ये सभी एलिवेटेड स्टेशन हैं।
32.40 किमी लंबी मेट्रो लाइन का चल रहा है निर्माण कार्य
दानापुर से पटना सिटी तक 32.40 किमी लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विवि के बीच 1.5 किमी अंडरग्राउंड मेट्रो का टनल बन कर तैयार हो गया है। पटना विवि से पटना जंक्शन के बीच टनल का निर्माण कार्य जारी है। यहां से टनल बोरिंग मशीन निकलने के बाद मलाही पकड़ी से मोइनुल हक स्टेडियम के बीच टनल का निर्माण कार्य शुरू होगा। अभी तक पटना जंक्शन से रूकनपुरा तक अंडरग्राउंड मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
पटना मेट्रो ने रेलवे से 1.50 रुपए सस्ती बिजली देने की मांग की
मेट्रो ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। इस पर आयोग सुनवाई कर फैसला सुनाएगा। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक रेलवे ट्रैक्शन टैरिफ से 1.50 रुपए कम दर पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वजह, मेट्रो मुनाफा कमाने वाली संस्था नहीं है। रेलवे की तरह वाणिज्यिक कारोबार नहीं है। अन्य राज्यों में रेलवे ट्रैक्शन ट्रैक से सस्ते दर पर मेट्रो को बिजली मिल रही है। यहां महंगी बिजली मिलने से यात्रियों और सरकार पर बोझ बढ़ेगा।
मेट्रो के काम में तेजी लाने के लिए पीएमआरसी में 19 जेई पदस्थापित
पटना मेट्रो के कार्य में तेजी लाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (पीएमआरसी) में 19 जूनियर इंजीनियर को पदस्थापित किया है। इसमें 11 सिविल इंजीनियर, 4 इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और 4 मैकेनिकल इंजीनियर शामिल हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जीवेश कुमार ने कहा कि सरकार ने मेट्रो के प्रायरिटी कॉरीडोर को 15 अगस्त तक चालू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है। इसमें और तेजी लाने के लिए इंजीनियरों की तैनाती की गई है। विकास कार्यों को गति देने के लिए विभिन्न नगर निकायों, बुडको, बिहार आवास बोर्ड में 378 जूनियर इंजीनियर को पदस्थापित किया गया है।