Thursday, April 3, 2025
Samastipur

“रामनवमी के मौके पर लगने वाले राजकीय मेला बाबा अमर सिंह की तैयारी अंतिम चरण में

शाहपुर पटोरी.शिउरा गांव में बाबा अमर सिंह स्थान पर रामनवमी के मौके पर लगने वाले राजकीय मेले की तैयारी अंतिम दौर में है। प्रशासन और मेला समिति मिलकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे हैं। 2022 में इस मेले को राजकीय मेला का दर्जा मिला था। इस बार भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। मंदिर परिसर में रंग-रोगन का काम पूरा हो चुका है। पर्याप्त संख्या में नल लगाए गए हैं। रोशनी की व्यवस्था लगभग पूरी हो गई है। अस्थायी शौचालय भी बनकर तैयार हैं। संकीर्ण रास्ता, पीने के पानी और शौचालय की समस्या को लेकर प्रशासन सतर्क है। हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और समिति के सदस्य भी तैयारियों में जुटे हैं।

अष्टमी और नवमी को 60 से 70 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मान्यता है कि यहां सेवा और सफाई करने से कुष्ठ रोगियों को राहत मिलती है। कई लोग कुछ ही दिनों में ठीक होकर घर लौटते हैं। खासकर चैत्र रामनवमी और सावन में यह दृश्य आम है। श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं, विदेशों से भी यहां पहुंचते हैं। मान्यता है कि बाबा अमर सिंह की उत्पत्ति जमुना नदी में एक निषाद महिला द्वारा तोड़े गए कमल फूल से हुई थी।

कहा जाता है कि जब गंगा नदी में बाढ़ से तबाही मची थी, तब एक जटाधारी साधु सोने की नाव से प्रकट हुए थे। उन्होंने मां गंगा से लोगों को राहत दिलाने के लिए आराधना की। इसके बाद गंगा का जलस्तर घटने लगा और साधु अंतर्ध्यान हो गए। बाद में वे बाबा अमर सिंह के नाम से प्रसिद्ध हुए। माना जाता है कि जिस सोने की नाव से साधु प्रकट हुए थे।

Kunal Gupta

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