Samastipur

“समस्तीपुर:थाना के आगंतुक कक्ष पर ताला, फरियादियों के लिए न बैठने की व्यवस्था, ना ही एंट्री

समस्तीपुर.नितेश कुमार | समस्तीपुर एक ओर राज्य पुलिस मुख्यालय ने थानों में दलालों की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए विजिटर रजिस्टर को अनिवार्य कर दिया है, वहीं दूसरी ओर फरियादियों की मूलभूत जरूरतें अब भी अनदेखी हैं। डीजीपी विनय कुमार ने थानों पर आने वाले किसी भी आगंतुक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और उद्देश्य की जानकारी लेकर उसे रजिस्टर में एंट्री करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। साथ ही, बार-बार आने वाले संदिग्धों पर कार्रवाई की बात भी कही गई है। लेकिन, दूसरी तरफ हकीकत यह है कि जिन आगंतुक कक्षों को फरियादियों की सुविधा के लिए बनाया गया है, वे अधिकांश थानों में या तो पुलिसकर्मियों के निजी इस्तेमाल में हैं या फिर तकनीकी कामकाज जैसे सीसीटीएनएस के लिए कब्जा जमा लिया गया है। कई जगहों पर तो दिनभर के बाद इन कमरों में ताला जड़ दिया जाता है।

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नतीजतन, फरियादी बरामदे या खुले परिसर में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। बता दें कि थाने पर अपनी शिकायत लेकर पहुंचने पहले लोगों के लिए लगभग साढ़े पांच लाख रुपए की लागत से एक आगंतुक कक्ष निर्माण कराया गया था। उसमें फरियादियों के बैठने के लिए कुर्सी आदि की भी व्यवस्था की गई थी। वहीं, उसमें एक शौचालय का भी निर्माण कराया गया था। इसके मेंटेनेंस के लिए थाना मैनेजर के प्रतिनियुक्ति का भी आदेश था। नगर थाना के आगंतुक कक्ष पर लटका ताला ।

 

आगंतुक कक्ष पर पुलिस का कब्जा संसाधन की कमी का दे रहे हवाला एक तरफ जहां पुलिस, थानों पर आने वाले आगंतुकों का रिकॉर्ड रखेगी, वहीं दूसरी तरफ थानों में फरियादियों के लिए बनाए गए आगंतुक कक्षों पर पुलिस ने सीसीटीएनएस जैसे तकनीकी कामकाज के नाम पर खुद कब्जा जमाया हुआ है। वहीं, दिनभर के इस्तेमाल के बाद इन कमरों में ताला जड़ दिया जाता है।

नतीजतन, फरियादी थाने के बरामदे या परिसर की जमीन पर बैठकर अपनी बात कहने के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर होना पड़ता है। वहीं, आगंतुकों के रिकॉर्ड की जांच के लिए सीसीटीवी के फुटेज से रजिस्टर मिलान की बात कही जा रही है। जबकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई थानों में सीसीटीवी के ठीक से काम नहीं करने की समस्या आ रही है। बता दें कि बीते वर्ष 25 नवंबर को समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में डीएम रोशन कुशवाहा ने थानों में सीसीटीवी व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर निर्देश दिया था । डीजीपी विनय कुमार ने एक नई व्यवस्था के तहत राज्य के सभी थानों में विजिटर रजिस्टर अनिवार्य कर दिया है। समस्तीपुर समेत सभी जिलों के एसपी को भेजे निर्देश में कहा गया है कि थाने आने वाले हर व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आने का कारण दर्ज किया जाए।

यह कदम थानों में सक्रिय दलालों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। बार-बार आने वाले संदिग्धों की पहचान कर कार्रवाई होगी। ^थानों पर आने-जाने वालों का रिकॉर्ड रखने के आदेश का सख्ती से क्रियान्वयन कराया जा रहा है और समय-समय पर उसका निरीक्षण भी किया जाएगा। प्रत्येक थाने में ओडी ऑफिसर तैनात रहते हैं, जिनसे शिकायतकर्ता सीधे मिलकर अपनी समस्याएं बता सकते हैं। थानों पर बेवजह आने-जाने वालों की पहचान कर उन पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।अगर किसी थाने का आगंतुक कक्ष बंद रह रहा है तो, उसे खुलवाया जाएगा। – अशोक मिश्रा, एसपी, समस्तीपुर

सोर्स :दैनिक भास्कर।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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