Patna

“10 साल का लड़का मोबाइल चोर गिरोह का लीडर:झारखंड से लाते बच्चे,15 हजार सैलरी देते,पेपर में लपेटकर नेटवर्क कर देते थे बंद

पटना की बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल स्नेचर गैंग के 7 अपराधियों को 2 जनवरी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार चोरों में दो बालिग और पांच नाबालिग थे। नाबालिग अपराधियों की उम्र 12 साल से कम है। सभी को 10 साल का एक बच्चा पटना लेकर आया था, जो पांचों को लीड कर रहा था।

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सभी झारखंड के साहिबगंज के रहने वाले हैं। 15 हजार सैलरी का वादा कर उन्हें लाया गया था। पटना में रह कर मोबाइल चोरी और स्नेचिंग का काम करवाता था।चोरी का मोबाइल बांग्लादेश भेज देता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने आईफोन समेत 10 महंगे मोबाइल बरामद किए हैं। ये गिरोह मोबाइल का नेटवर्क बंद करने के लिए उसे सिल्वर क्वाइल पेपर लपेट दिया करते थे।

1 जनवरी को पटना के काली मंदिर में पूजा करने पहुंचे शख्स ने मोबाइल चोरी की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने मंदिर से एक संदिग्ध नाबालिग को पकड़ा और पूछताछ की। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

झूठ बोल किराए पर लिया था कमरा

गिरफ्तार नाबालिग की निशानदेही पर इस गिरोह के दो सरगना राजू कुमार और कन्हैया को पकड़ा गया। दोनों ही बच्चों को चोरी करने वाली जगह बताते थे। उनके रहने-खाने का इंतजाम करते थे। बाइपास थाना के जीरो माइल के पास किराए के एक कमरे से दोनों को गिरफ्तार किया गया था। मकान मालिक को कहा गया था कि सभी बच्चे कपड़ा दुकान में काम करते हैं। शातिर राजू कुमार और कन्हैया साहिबगंज के सुखसेना गांव के रहने वाले हैं।

बच्चों को दी जाती थी प्रोपर ट्रेनिंग

नाबालिग पांच बच्चों को बाल सुधार गृह, जबकि दोनों मास्टरमाइंड को पुलिस ने जेल भेज दिया है। लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी 1 कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि ‘इस गिरोह के सदस्य पिछले दो महीने से पटना में रह रहे थे। राजू और कन्हैया ने किराये पर कमरा लिया। उसी जगह वे बच्चों को रखते थे। मकान मालिक से कहा था कि बच्चे कपड़ा दुकान में काम करते हैं।

जांच में हुआ खुलासा, चोरी करने आए थे बच्चे

कब्जे में लिए गए बच्चों ने ट्रेनिंग के हिसाब से पुलिस को बताया कि पटना में कपड़ा फैक्ट्री में काम दिलवाने की बात कह कर लाया गया है। हर रोज पांच सौ का वादा किया गया था। लेकिन, पटना लाने के बाद मोबाइल चोरी के काम में लगा दिया। जांच में यह बात सामने आई है कि ये बच्चे झारखंड के साहिबगंज से ही चोरी के लिए ट्रेंड हो कर पटना आए थे।गिरोह में 10 से 16 साल के बच्चों को ही रखा जाता था। इनके माता-पिता को पैसा दे कर पटना लाया जाता है। बच्चों की ट्रेनिंग वहीं होती है। फिर ये गैंग बना कर अलग-अलग शहरों में जा कर चोरी करते है।

चोरी के मोबाइल को सिल्वर क्वाइल पेपर में लपेट देते थे

बच्चों के परिवार को महीने में 15 हजार सरगना भेजा करता था। सरगना राजू कुमार ने बताया कि ‘चोरी के ऑन मोबाइल को सिल्वर क्वाइल पेपर में लपेट दिया करते थे। इससे मोबाइल का नेटवर्क बंद हो जाता था। बरामद 10 मोबाइल में 6 एप्पल कंपनी का फोन है, जिसे चोरी कर राजू कुमार और कन्हैया को दिया था। फिलहाल पटना पुलिस ने झारखंड की साहिबगंज पुलिस से संपर्क कर रही है।

झारखंड के साहेबगंज के हैं बच्चे

झारखंड के साहेबगंज के आस-पास के गांवों से बच्चों को लाया जाता है। कम उम्र की वजह से कोई जल्द शक नहीं करता। पकड़े जाने पर इनको कम उम्र का फायदा मिल जाता है। मंदिर, स्टेशन, मेला बाजार में एक साथ 3 से 4 की संख्या में निकल कर मोबाइल चोरी करते हैं। मोबाइल की संख्या 25 से 30 होने पर साहिबगंज भेज देते हैं।

साहिबगंज में लगती है चोरी के आईफोन की मंडी

साहिबगंज में आईफोन और कीमती मोबाइल की मंडी लगती है। तीन पहाड़ स्टेशन परिसर, मछली पट्टी, झरनाटोली और नीमगाछ के पास बिक्री होती है। सुबह से शाम तक चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री होती है।यहां बांग्लादेश से भी कई थोक खरीदार पहुंचते हैं। मोबाइल खरीद कर 500 किलोमीटर दूर बांग्लादेश ले कर जाते हैं। इसके लिए वे साहेबगंज से पश्चिम बंगाल के धुलियान और कालियाचक के रास्ते मौजमपुर पहुंचते हैं। वहां से हिल्ली और मेहदीपुर बॉर्डर से सीधे बांग्लादेश घुस जाते हैं। इस धंधे में साहिबगंज से बांग्लादेश तक करीब 50 एजेंट काम कर रहे हैं।

बांग्लादेश में कीमतें ज्यादा मिलती हैं

बांग्लादेश में मोबाइल की कीमतें ज्यादा मिलती है। साइबर मामलों के जानकार अनीश शर्मा ने बताया कि ‘बांग्लादेश में भारतीय मोबाइल का IMI नंबर ट्रेस कर पाना भारतीय पुलिस के लिए थोड़ा मुश्किल है। अगर पुलिस ने मोबाइल ट्रेस कर भी लिए तो उसे बरामद करने में परेशानी होती है।’

साहिबगंज पुलिस ने क्या कहा

पटना में इस गैंग के सदस्यों की 2 जनवरी को गिरफ्तारी हुई थी। उसी दिन रांची की लालपुर थाने की पुलिस ने दो सरगना समेत एक नाबालिग बच्चे को पकड़ा था। दोनों शातिर साहिबगंज का रहने वाला शिवजी महतो और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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