New To India

“सरकार के दखल पर कीमतें घटाई:प्रयागराज आने वाली फ्लाइट्स का किराया 60 से 30 हजार हुए आने-जाने के दाम

नई दिल्ली।प्रयागराज महाकुंभ में देश-विदेश से तमाम लोग आ रहे हैं। इसका फायदा उठाने के लिए एयरलाइंस कंपनियों ने अपने टिकट के दाम बेतहाशा बढ़ा दिए। सरकार के हस्तक्षेप करने के बाद अब एयरलाइन कंपनियों ने कीमतें कम कर दी हैं।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एक्शन लेने को कहा था। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और जयपुर जैसे देश के प्रमुख शहरों से प्रयागराज के लिए डायरेक्ट फ्लाइट टिकट की कीमतें 20 से 30% कम हो गई हैं।दो दिन पहले दिल्ली से प्रयागराज के लिए सबसे सस्ता टिकट 22 हजार के करीब था। आज की तारीख में वो 13 हजार के करीब हो गया है। विशेष स्नान तिथियों पर टिकट की कीमतों में औसत 30 से 40% की कमी आई है। डायरेक्ट फ्लाइट्स की सबसे सस्ती और महंगी दोनों टिकट की कीमतें कम हुई हैं।

टिकटों के दाम अधिकतम 24 हजार रखने को कहा
लगातार मिल रही शिकायतों पर सोमवार यानी 27 जनवरी को DGCA ने एक्शन लिया। महानिदेशालय ने कह- एयरलाइन कंपनियां अपनी फ्लाइट्स का किराया न बढ़ाएं। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने एयरलाइन कंपनियों से दिल्ली वापसी के टिकट का दाम 24 हजार से अधिक न रखने को कहा है।सरकार की सख्ती का असर गुरुवार से ही दिखने लगा है। 30 जनवरी से 26 फरवरी तक देश के प्रमुख शहरों से प्रयागराज तक की टिकट की कीमतों में औसत कमी देखने को मिल रही है।

इंडिगो ने 30 से 50% कम की फ्लाइट टिकट कीमतें

एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने माना है कि DGCA के कहने पर कंपनी ने प्रयागराज आने वाली सभी फ्लाइट टिकट के दाम 30 से 50% तक कम किए हैं।यह बदलाव तब आया है, जब सरकार ने एयरलाइन कंपनियों से टिकट के दाम करने के साथ ही ट्रैवल बुकिंग पार्टनर्स को भी अनावश्यक कीमत न बढ़ाने के लिए कहा। इस तरह पहले दिल्ली से प्रयागराज आने और जाने का कुल खर्चा करीब 60 हजार तक जा रहा था, वो अब 30 हजार तक आ गया है।

क्यों सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा?

महाकुंभ में इस समय हर दिन लाखों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ये लोग बस, ट्रेन और फ्लाइट्स से प्रयागराज आ रहे हैं। ट्रेनों का संचालन पूरी तरह सरकार के हाथ में है। इस लिहाज से रेलवे ने पहले से तैयारियां की और ट्रेनें बढ़ा दी। सरकारी बसों की संख्या भी बढ़ाई गई।तीसरा साधन आता है हवाई जहाज, जहां सरकार का दायरा सिर्फ नियम-कानून बनाने तक सीमित है। संचालन उसके हाथ में नहीं है।

ऐसे में, एयरलाइन कंपनियों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए देश के प्रमुख शहरों से फ्लाइट्स की टिकट बेतहाशा महंगी कर दी। तब इसे लेकर कई यात्रियों ने DGCA में इसकी शिकायत की। यात्रियों ने बताया कि कैसे दिल्ली से प्रयागराज तक किराया 25 हजार रुपए तक वसूला जा रहा है, जबकि सामान्य रूप से यह 5 हजार रुपए तक रहता है।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

error: Content is protected !!