Samastipur

ग्रैंड पैरेंट्स डे:दादा-दादी ने बच्चों को उनके बचपन के दिनों की कहानियां और अनुभव सुनाए

समस्तीपुर।बरौनी.गढ़हरा स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में दादा-दादी दिवस (ग्रैंड पैरेंट्स डे) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत कार्यक्रम के आदरणीय मुख्य अतिथि, विद्यालय के प्राचार्य व विद्यालय में पधारे बच्चों के दादी – दादा के करकमलों द्वारा दीपप्रज्ज्वलन से हुई। जिसके बाद प्राचार्य रजनीश कुमार त्रिपाठी ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय रेलवे इंटर कॉलेज, गढ़हारा के प्राचार्य शांतिस्वरूप शर्मा को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर उनका स्वागत किया।

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प्राचार्य रजनीश कुमार त्रिपाठी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि, “हमारी परंपराएं और सभ्यता हमारे बुजुर्गों से ही बसती हैं। आज भाषा, कला, गीत – संगीत, विभिन्न प्रकार के त्यौहार और उनमें बनने वाले पकवान जो कुछ भी हमारे पास है,सबकुछ पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होते संस्कारों का ही परिणाम है।” उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को उनके दादा-दादी से जुड़ने और पारंपरिक ज्ञान और संस्कृतियों को सहेजने के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और उनके दादा-दादी के बीच प्रेम और अनुराग के संबंध को और प्रगाढ़ करना, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ सकें और पीढ़ीगत संवाद को बढ़ावा मिल सके।

बच्चों को अपने पूर्वजों से जुड़ने का एक अनमोल अनुभव मिला कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण बच्चों और उनके दादा-दादी के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित विभिन्न गतिविधियां थी। बच्चों ने अपने दादा-दादी के साथ मिलकर पुरानी कथाओं, गीतों और पारंपरिक रीति-रिवाजों को साझा किया। दादा-दादी ने भी बच्चों को उनके बचपन के दिनों की कहानियाँ और अनुभव सुनाए, जिससे बच्चों को अपने पूर्वजों से जुड़ने का एक अनमोल अनुभव मिला। इसी बीच दादा – दादी के लिए आयोजित खेल पर बच्चों ने खूब ठहाके लगाए।

इसके अलावा, कार्यक्रम में प्राथमिक वर्ग के छात्र-छात्राओं द्वारा “बाल मेला” का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न फूड स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स पर बच्चों ने खुद विभिन्न प्रकार के पारंपरिक और आधुनिक व्यंजन प्रस्तुत किए। पुस्तकालय अध्यक्ष जी एस ठाकुर ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को उद्यमिता के प्रति प्रेरित करना था और यह दिखाना था कि किस प्रकार वे अपने कौशल का इस्तेमाल करके समाज में एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

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