Samastipur

टर्मिनल निर्माण के बाद समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा स्टेशन का ट्रैफिक लोड भी कम हो जाएगा, यात्रियों को मिलेगा सुविधा 

समस्तीपुर।भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम से प्रसिद्ध कर्पूरीग्राम रेलवे स्टेशन के दिन अब बहुरेंगे होंंगे। जननायक से भावनात्मक जुड़ाव की वजह से लोगों की मांग पर यहां सात एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव पहले से ही दिया जा चुका है। जबकि छः अन्य का ठहराव देने की मांग केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से की है।सनद रहे कि यहां पहले से ही गिट्टी व सीमेंट का रैक प्वाइंट बना हुआ है जहां प्रतिदिन सैकड़ों मजदूरों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है।अब अगर पैसेंजर टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया जाता है तो स्टेशन पर यात्री सुविधाएं तो बढेगी ही।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

ऊपर से आसपास के दर्जनभर गांवों के लोगों को विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।सोनपुर मंडल के कर्पूरीग्राम स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस और चार पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर न जिन छह और ट्रेनों के ठहराव का रेलमंत्री से आग्रह किया है उसमें बिहार संपर्कक्रांति, टाटा थावे एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस, भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस, जयनगर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस और जयनगर-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल है। समस्तीपुर जंक्शन से होकर प्रतिदिन 85 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें गुजरती हैं।

 

 

वही यहां सात ऑपरेटिव प्लेटफॉर्म भी हैं। लगभग 30 मालगाड़ी मुजफ्फरपुर, दरभंगा, हाजीपुर, बरौनी, सहरसा आदि से आती और जाती है। पैसेंजर ट्रर्मिनल के रूप में विकसित होते ही मुजफ्फरपुर के सकरा, समस्तीपुर के पूसा, वैनी, कर्पूरीग्राम, शंभूपट्टी, ताजपुर आदि इलाकों के लोगों को सहूलियत होगी। रेलवे के मानकों के अनुसार ट्रेनों के ठहराव स्थल को हाल्ट, टर्मिनल, स्टेशन और जंक्शन सहित मुख्यत चार श्रेणियों में बांटा गया है। टर्मिनल बनते ही यहां से ट्रेन खुलेगी भी और समाप्त भी होगी। ट्रेनों का मेंटेनेंस भी यहीं होगा। जंक्शन का मतलब होता है कि यहां चारों ओर से ट्रेनें आएंगी जिसमें यात्रा समाप्त होगी और पुनः शुरू भी की जा सकेगी। वहीं, हॉल्ट पर कुछ चुनिंदा पैसेंजर ट्रेनों का एक मिनट के लिए ठहराव दिया जाता है। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर आगे स्टेशन का दर्जा मिल जाता है।

 

^रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से कर्पूरीग्राम रेलवे स्टेशन पर छः ट्रेनों का ठहराव और इसे पैसेंजर टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। यदि यह हो जाता तो क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलता। इस दिशा में हम लगातार प्रयासरत हैं। -रामनाथ ठाकुर, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री, भारत सरकार

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

error: Content is protected !!