Patna

भोजपुरी अभिनेत्री अंजना सिंह ने कहा दूसरी शादी करना चाहती हूं..

पटना.: अभिनेत्री अंजना सिंह की फिल्म मेरी बेटी मेरा अभिमान का आज टेलीविज़न प्रीमियर किया गया है. वह अपने मौजूदा करियर को भोजपुरी फिल्मों में अपनी सेकेंड इनिंग करार देती हैं.वह बताती हैं कि एक वक़्त भोजपुरी फिल्मों में उन्हें काम मिलना बंद हो गया था.भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े पॉलिटिक्स के साथ – साथ अंजना ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े अहम् सवालों पर भी उर्मिला कोरी से बात की.पेश है बातचीत के प्रमुख अंश

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

 

मेरी बेटी मेरा अभिमान फिल्म की यूएसपी क्या है ?

 

इस फिल्म में समाज के लिए मैसेज है. आज भी हमारा समाज बहुत ही रूढ़िवादी है.आज भी इंटीरियर में बेटा और बेटी में बहुत फर्क माना जाता है. आज भी कहीं ना कहीं भ्रूण हत्या होती है.अगर कोख में बेटी पल रही होती है.इन सभी बातों को लेकर मैसेज है कि हमेशा बेटा बेटा करना अच्छा नहीं होता है. समाज में हमारी बेटियों को भी वह सम्मान मिलना चाहिए.मुझे लगता है कि यह फिल्म महिला दर्शकों को बहुत पसंद आएगी.

 

 

क्या आपने लड़की होने का भेदभाव निजी जिंदगी में झेला है?

 

मैंने अपने घर पर नहीं,लेकिन हां इंडस्ट्री में फेस जरूर किया है. मेरे पिता ने कभी भी में मुझ पर और मेरे भाइयों में फर्क नहीं किया है फिर चाहे वह मेरी पढ़ाई को लेकर, स्पोर्ट्स को लेकर या फिर कैरियर चुनने को लेकर. उन्होंने और मेरी मां ने मुझे हमेशा ही सपोर्ट किया है. इंडस्ट्री में आए तो फिर मुझे कदम-कदम पर इसका एहसास कराया गया कि मैं एक फीमेल अभिनेत्री हूं. मैं मानती हूं कि हर इंडस्ट्री मेल डोमिनेटिंग है, लेकिन मुझे लगता है कि भोजपुरी इंडस्ट्री में ये कुछ ज्यादा है.

 

किस तरह के भेदभाव से आप इंडस्ट्री में गुजरी है?

 

कदम कदम पर यहां पर भेदभाव है. एक आम उदाहरण दूं तो जैसा कि सभी को पता है कि टीवी पर फीमेल ओरिएंटेड फिल्में चल रही है. अगर हम किसी सुपरस्टार को कह दे कि सर हमारे लिए एक गेस्ट अपीयरेंस हमारी फिल्म में कर दीजिए, तो कोई नहीं करेगा. गेस्ट अपीरियंस करने की तो बात छोड़िए. हमारे लिए सोशल मीडिया में  पोस्ट शेयर करने से वह कतराते हैं.यही उनकी कोई फिल्म बन रही होती है और हमें कोई स्पेशल सॉन्ग या स्पेशल अपीयरेंस के लिए अप्रोच किया जाता है ,तो हम तुरंत मान जाते हैं. जितने भी सुपरस्टार हैं.वह बहुत अच्छे दोस्त बनते हैं ,लेकिन जैसे ही आपको सपोर्ट करने की बात होती है या किसी फिल्म को लेकर आपको अप्रिशिएट करने की बात होती है खासकर पब्लिकली तो वह झिझकते हैं.उनको लगता है कि वही बेस्ट है और वही इंडस्ट्री के सब कुछ है.वे भूल जाते हैं कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ना हीरो के बगैर चलती है और ना ही हीरोइन के बगैर.

 

 

टेलीविज़न पर इनदिनों भोजपुरी फिल्में ज्यादा बन रही हैं, इस दौर को किस तरह से देखती हैं ?

 

बहुत ही अच्छा है. इसने मेरे करियर को फिर से रिवाइव किया.सभी को पता है कि भोजपुरी इंडस्ट्री में लॉबी किस तरह से काम करती है.उसकी सजा मुझे दी जा रही थी .मुझे एक फिल्म से निकाल दिया गया था और फिल्म वाले भी डाउट करने लगे कि अब अंजना सिंह को लेना चाहिए या नहीं. मैं दिन-दिन भर बैठकर रोती थी कि इस सब में मेरी क्या गलती है,लेकिन उन सभी को जवाब मेरी फिल्म बड़की दीदी ने लोगों को दिया.उस फिल्म को 4 सालों में सबसे ज्यादा टीआरपी मिली. उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. एक के बाद एक फिल्में ऑफर होती चली गयी.

 

 

निजी जिंदगी में आप कितनी जिम्मेदार बेटी है?

 

मुझे लगता है कि इस सवाल का जवाब अगर आप मेरी मां से पूछे तो ज्यादा अच्छा होगा.अपने मुंह से में सिर्फ यही कह सकती हूं कि मेरी जिंदगी में दो ही लोग हैं. मेरी बेटी और दूसरी मेरी मां. मैं उनकी बहुत केयर करती हूं. मेरी कोशिश रहती है कि वह हमेशा खुश रहे.जो करना चाहती है.जैसे करना चाहती हूं ,जिस चीज को लेकर कंफर्टेबल हैं. मैं उनकी उम्र के इस पड़ाव में यही सब बातें ध्यान में रखती हूं. मैं उन पर कुछ भी थोपती नहीं हूं कि मां यह करो मां वह मत करो.

 

क्या प्यार के लिए फिर से तैयार हैं ?

 

जो सबके सामने मुझे गर्व से स्वीकार कर ले,ऐसे ऑफर नहीं आते हैं. ज्यादातर लोग चुप कर चारदीवारी में बंद होकर चलने वाले रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं.मुझे लगता है कि बहुत कम लोगों में हिम्मत होती है.

 

 

दूसरी शादी को लेकर आपकी क्या राय है ?

 

हां करना चाहती हूँ.दूसरी शादी को लेकर घर वालों का भी प्रेशर रहता है. अगर मैं यही लड़का होती थी और मेरे साथ एक बच्चा होता तो भी हर मां-बाप अपनी बेटी देने के लिए मुझे तैयार रहते थे. अपनी 18 साल की बेटी की शादी भी खुशी-खुशी मेरे साथ कर देते थे.चूंकि लड़की हूं तो मेरे साथ बहुत सारे सवाल जुड़ जाते हैं.पहले अरे यह हीरोइन है.डिवोर्सी भी है साथ में बच्ची भी है. वैसे मैं आज का माहौल देखती हूं. तो मुझे यह भी लगता है कि अच्छा है कि मैं दूसरी शादी नहीं करूं. बात अपने तक है,तो एक टाइम तक बर्दाश्त हो सकता है,लेकिन अगर बात मेरी बच्ची तक जाएगी, तो मैं शायद सामने वाले का मर्डर भी कर दूंगी.

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

error: Content is protected !!