Patna

भोजपुरी अभिनेत्री के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या , पुलिस अब भी मान रही खुदकुशी का मामला

पटना.भोजपुरी अभिनेत्री अमृता पांडेय की हत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझा पाई है। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर अभिनेत्री की हत्या किसने की थी। क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अभिनेत्री की गला दबाकर हत्या की गई थी। उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे के सहारे लटका दिया गया था। हालांकि, पुलिस अब भी इसे खुदकुशी ही मान रही है। इसी का नतीजा है कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद भी हत्यारे का सुराग ढूंढने के बजाय रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर रही है। घटना के चार माह बाद भी इस मामले में खुलासा नहीं हो सका है। 2

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

7 अप्रैल को जोगसर स्थित अपार्टमेंट में संदिग्ध हालात में अमृता पांडेय का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबा कर हत्या करने की बात सामने आई है। जबकि एफएसएल की शुरुआती जांच में खुदकुशी ने की बात कही गई। दोनों रिपोर्ट में अंतर के बाद वरीय पुलिस अधिकारी ने फॉरेंसिक विभाग को दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का आब्जर्वेशन कर रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल बोर्ड ने आब्जर्वेशन के बाद फिर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पहले वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट बिल्कुल सही है। अभिनेत्री की गला दबा कर ही हत्या की गई थी।

 

फोरेंसिक विभाग के एक डॉक्टर ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि ऐसा संभव नहीं है कि पहली बार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात है तो दूसरी बार वह आत्महत्या में बदल जाएगी। सिटी एसपी मिस्टर राज ने कहा कि संबंधित पदाधिकारी से रिपोर्ट की जानकारी लेने के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

 

अभिनेत्री हत्याकांड में शुरुआत से ही पुलिस की जांच लटकाने व भटकाने वाला रहा है। पहले तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उस पर सवाल खड़ा करते हुए उसे मेडिकल बोर्ड के पास भेजा। दोबारा रिपोर्ट आने के बाद अब तक केस के आईयो शक्ति पासवान रिपोर्ट लाने भी नहीं गए। सिर्फ मौखिक रूप से रिपोर्ट के बारे में पता किया। जोगसर थानेदार केएनके सिंह ने रिपोर्ट मिलने से इनकार किया। वहीं, इस मामले में वरीय अधिकारियों का रवैया भी लापरवाही भरा है।

 

चार माह बीतने के बाद भी केस की प्रगति क्या है इसकी जानकारी अपने नीचे के पदाधिकारी से नहीं ली। ऐसा लगता है पुलिसिया तंत्र इस मामले को दबाने में जुटा है। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस अगर सही से जांच ही नहीं करेगी तो हत्यारे का पता कैसे चलेगा।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

error: Content is protected !!