“महिला सिपाही को वेतन मांगना पड़ा भारी, DSP और SI ने बेरहमी से पीटा;जांच के आदेश
बिहार के मोतिहारी में एक महिला सिपाही हाथ जोड़ती रही मगर डीएसपी सहित दारोगा व अन्य पुलिसकर्मी उसे पीटते-घसीटते रहे। आखिर ऐसा क्यों? दरअसल बिहार के मोतिहारी पुलिस केंद्र में तैनात महिला सिपाही पूनम कुमारी का वेतन बीते 4 साल से रुका था। वो इसी की मांग कर रही थीं। इसी से जुड़े मामले में उनके डिपार्टमेंट के लोगों ने उसके साथ मार-पीट की।
महिला ने बताया कि डीएसपी सहित दारोगा व अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे घसीटकर लात-घूसों से मारा। उसके साथ गाली-गलौज भी की। इससे उसके उसके सिर, आंख व कमर में चोट लगी है। मारपीट में वह बेहोश हो गई। बाद में वह इलाज के लिए सदर अस्पताल में पहुंची। जहां उसका इलाज किया गया। एसपी ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
घायल सिपाही पूनम कुमारी ने बताया कि सुबह उसे फोन करके पुलिस केंद्र के लाइन डीएसपी कार्यालय बुलाया गया था। जैसे ही वह वर्दी में लाइन डीएसपी के कार्यालय पहुंचीं तभी डीएसपी सहित दारोगा व अन्य पुलिसकर्मी उसे घसीटते हुये बाहर लाए तथा गाली-गलौज करते हुये मारपीट शुरु कर दिया। इस दौरान लाइन डीएसपी उसे पैर में पहने जूता से मारने लगे। वह बार-बार उनसे मारपीट नहीं करने का आग्रह करती रही, लेकिन वे नहीं मानें। बाद में जब वह बुरी तरह जख्मी हो गई तो पास में सिविल ड्रेस पहने एक व्यक्ति ने बीच-बचाव कर उसे छुड़ाया। इसके बाद वह पुलिस केंद्र स्थित क्वार्टर में चली गई। जहां वह करीब दो घंटे तक बेहोशी के हालत में रही। होश आने पर वह सदर अस्पताल इलाज के लिए पहुंची।
उसने बताया कि वह 2018 बैच की सिपाही है। पूर्व में वह कल्याणपुर थाना में भी तैनात थी। जहां उसके साथ मारपीट की गई थी। करीब चार वर्षों से उसका वेतन बंद है। जिस संबंध में वह कई बार एसपी से भी मिलने का प्रयास की थी। लेकिन एसपी से मुलाकात नहीं हो सकी। एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि जांच का आदेश एएसपी शिखर चौधरी को दिया गया है। जांच में जो भी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई की जायेगी।
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