Patna

“कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी,नेपाल में बारिश के कारण बढ़ा जलस्तर,खेतों में लगे फसल डूबे

सुपौल में कोसी नदी के जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे कई फसल डूबकर बबार्द हो गए। जहां बुधवार को बराज से इस वर्ष का सबसे अधिक डिस्चार्ज किया गया। नदी का जलस्तर बुधवार शाम 6 बजे तक बढ़ते क्रम में 1 लाख 21 हजार 970 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बराह क्षेत्र में कोसी का जलस्तर बढ़ते क्रम में 92,750 क्यूसेक रहा।

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सुबह 10 बजे कोसी का जलस्तर 1,08,520 क्यूसेक था। जबकि, दोपहर 12 बजे कोसी बराज का जलस्तर बढ़कर 1,14,385 क्यूसेक पर पहुंच गया। वहीं, शाम 4 बजे कोसी का डिस्चार्ज 1,21,970 क्यूसेक (बढ़ते क्रम में) रिकॉर्ड किया गया। जबकि, बराह क्षेत्र में कोसी का जलस्तर शाम 4 बजे 86,250 क्यूसेक (बढ़ते क्रम में) रिकॉर्ड किया गया।

पूर्वी कोसी मुख्य नहर में 5,000 व पश्चिमी कोसी मुख्य नहर में 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। कोसी के बढ़ते जलस्तर को लेकर नदी के 16 फाटक खोले गए हैं। जलस्तर में वृद्धि के कारण उपजाऊ जमीन में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। कोसी तटबंध के भीतर बसे गांव के लोगों को जरूरी कार्यों के लिए तटबंध से बाहर आने की मुश्किल बढ़ गई है।

बांधों की हो रही निगरानी

कौशिकी भवन स्थित चीफ इंजीनियर के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार कोसी के दोनों तटबंध अपने सभी अवयवों के साथ पूरी तरह सुरक्षित है। कोसी के दोनों तटबंधों पर कोसी नदी के जलस्तर में आए चढ़ाव को देखते हुए सतत निगरानी और चौकसी बरती जा रही है। अधिकारियों की माने तो वर्तमान स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

दूसरी तरफ कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ाने के साथ ही पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के भीतर खेतों में लगी मुंग, मकई और अन्य फसलें डूब कर बर्बाद हो गई है। किसान बताते हैं कि कोसी नदी में इस बार समय से पहले बाढ़ का पानी ज्यादा आने से उन लोगों की फसल बर्बाद हो गई।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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